अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से बुधवार को हंसराजपुर स्थित यूनियन बैंक की शाखा के सामने धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रबंधक पर आरोप लगया गया कि प्रबंधकों द्वारा बड़े पैमाने पर ऋण देने के नाम पर धन उगाही करने का काम किया जा रहा है। पूर्व सांसद विश्वनाथ शास्त्री ने कहा कि आज के दौर में भ्रष्टाचार राष्ट्रीय प्रश्न है। यह देश एवं जनता को भीतर से खोखला कर रहा है। जनता की गढ़ाई कमाई जो बैंकों में जमा है वही देश का खजाना है। जिसे विकास योजनाओं एवं कल्याणकारी नीतियों के क्रियान्वयन में खर्च होता है।
इसके बावजूद बैकों के प्रबंधकों द्वारा बड़े पैमाने पर ऋण देने के नाम पर धन उगाही करने का काम किया जा रहा है। धरने की जानकरी होने पर धरना स्थल पर पहुंचे मंडल प्रबंधक ने प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया।उन्होंने कहा कि हंसराजपुर स्थित यूनियन बैंक के प्रबंधक कामधेनू योजना, किसान क्रडिट कार्ड, मनरेगा के तहत जॉब कार्ड धारकों, समूह योजना एवं आम उपभोक्ताओं के साथ अपमान जनक व्यवहार करने के साथ-साथ धन उगाही का भी काम करते है जो काफी शर्मनाक बात है।
सभी के प्रांतीय महामंत्री पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने तमाम संघर्षो का उल्लेख करते हुए आर-पार की लड़ाई का उद्घोष किया। कहा कि जनपद में चीनी मिल खोलने एवं अन्य विकास संबंधी एवं आपदा राहत का वैसा दने एवं अन्य मांगों पर व्यापक आंदोलन हुआ। जिसका परिणाम रहा कि 21 मई को मुख्यमंत्री से दो घंटे वार्ता किसान नेताओं ने किया। किसानों को संगठित होकर जाति ,धर्म, दल से उपर उठकर व्यापक आंदोलन के लिए तैयार होना होगा। इस मौके पर कृपाशंकर सिंह, डा. केएन सिंह, जयराम सिंह, डा. रामबदन सिंह, अमेरिका सिंह यादव, राजदेव रहे।