-फोटो 87 : राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल, कई गांवों के सरपंच व ग्रामीण। स्रोत स्वयं
बहादुरगढ़। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एवं राष्ट्रीय किसान नेता रमेश दलाल ने नूना माजरा स्थित महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल में हुए सीवर सफाई हादसे को लेकर अस्पताल प्रबंधन, पुलिस और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद पूरे मामले को दबाने, तथ्यों को छिपाने और पीड़ित परिवारों को न्याय से वंचित करने का प्रयास किया गया।
दलाल ने सरकार से मांग की कि अस्पताल प्रबंधन सहित डीसी, पुलिस कमिश्नर, डीसीपी, एसडीएम पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 59, 61 आदि धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए क्योंकि उन्होंने सबूत नष्ट किए हैं। अस्पताल प्रबंधन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 104 लगनी चाहिए थी बल्कि एफआईआर केवल 106 भारतीय न्याय संहिता की लगाई गई जोकि गलत है। पीड़ित परिवारों की मौजूदगी में पत्रकारों से बातचीत में रमेश दलाल ने कहा कि मृतक सुनील के परिवार और गंभीर रूप से उपचाराधीन कर्मचारी के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
पोस्टमार्टम वाले दिन हुए समझौते पर सवाल उठाते हुए रमेश दलाल ने कहा कि उस दिन पीड़ित परिवार को न तो मुआवजे का चेक मिला, न पोस्टमार्टम के लिए बोर्ड गठित किया गया और न ही महाराजा अग्रसेन अस्पताल प्रधान प्रबंधन व जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई।
इस मौके पर सरपंच मोनू मातन, सरपंच मंजीत मलिक डाबोदा खुर्द, सरपंच मोनू देशवाल दुलहेड़ा, सरपंच भगत दलाल टांडा हेड़ी, छारा प्रधान दीपक दलाल, सरपंच प्रवीण मोरवाल खरमान, सरपंच राकेश राठी सराय औरंगाबाद, सरपंच प्रमोद नया गांव, जिला पार्षद राजीव मास्टर छारा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
-फोटो 87 :