दिन-ब-दिन डेंगू की दहशत बढ़ती जा रही है। एडिज के डंक से समाज कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एमपी सिंह समेत सात और लोगों की जान चली गई।
इसी के साथ डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 68 तक जा पहुंचा है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में आरक्षित डेंगू वार्ड फुल हो चुके हैं।
बेकाबू हो चुके डेंगू के जानलेवा वायरस से शहर-गांव हर तरफ दहशत का माहौल है। डेंगू से लगातार मौतें हो रही हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू को मौत का कारण मानने को तैयार नहीं है।
समाज कल्याण विभाग में उपनिदेशक के पद पर तैनात एमपी सिंह कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। इलाज के बाद भी हालत नहीं सुधरी तो मंगलवार को उनको पीजीआई में भर्ती कराया गया।
पीजीआई में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी तरह तेलीबाग वृंदावन कॉलोनी के रहने वाले वकील अतुल सिंह (27) को कई दिनों से तेज बुखार की शिकायत थी। इलाज के बाद भी उनकी हालत नहीं सुधरी और उनकी भी मौत हो गई।
मोहनलालगंज के हर्ष गुप्ता (16) को कई दिनों से तेज बुखार था। निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन प्लेटलेट्स काउंट लगातार कम होता गया और मंगलवार देर रात मौत हो गई।
राजाजीपुरम के अवधेश (38) के भाई संतोष ने बताया कि दो दिन पहले उसे रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में दिखाया लेकिन हालत नहीं सुधरी। इसके बाद अलीगंज स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार को भर्ती कराया गया।
स्वास्थ्य विभाग डेंगू को मौत का कारण मानने को तैयार नहीं
समाज कल्याण के डिप्टी डायरेक्टर एमपी सिंह
- फोटो : amar ujala
इलाज के दौरान बुधवार दोपहर मौत हो गई। उधर, फैजुल्लागंज की ज्योतिमा वर्मा (30) को दो दिन पहले केजीएमयू में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान मंगलवार देर रात मौत हो गई। ज्योतिमा के पति अजीत केजीएमयू में मल्टीपर्पज सोशल वर्कर के पद पर तैनात हैं।
इसी तरह तुषार वर्मा (18) और फैजुल्लागंज के पुरवा निवासी प्रदीप यादव (31) ने भी डेंगू फीवर की चपेट में आकर निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
बुखार भी जानलेवा बनने लगा है। फैजुल्लागंज के रिजवान (19), एकतानगर की सूफिया (35), माधुरी (60) की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार देर रात मौत हो गई।
जबकि यासीनगंज के विनोद मिस्त्री (43) को तेज बुखार की शिकायत के बाद बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान देर रात विनोद की मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव का कहना है कि मरीजों के मौतों की जानकारी नहीं है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की मौत हुई होगी तो इसकी जानकारी मंगाई जाएगी।
मोहनलालगंज में लेखपाल संघ के जिला मंत्री संदीप त्रिपाठी को कई दिनों से तेज बुखार की शिकायत थी। हालत गंभीर होने के बाद उनको गोमतीनगर के एक कार्पोरेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मोहनलालगंज में डेंगू से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं सीएमओ डॉ एसएनएस यादव ने बताया कि एलाइजा जांच के बाद डेंगू मरीजों का आंकड़ा 216 हो गया है।
मोहनलालगंज में फैले डेंगू के कहर से नाराज बीएस-4 के नेता आर के चौधरी तहसील पर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि इलाके में डेंगू से लगातार मौते हो रही हैं। हर गांव के हर घर में एक दो लोग बीमार है।, इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कुछ खास कदम नहीं उठा रहा है।