बहादुरगढ़। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) की टीम ने सोमवार को बाईपास के पास गांव बालौर में अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी में किए गए निर्माण को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कराया। इस दौरान देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
एसडीएम अभिनव सिवाच के सामने अधिकारियों ने सख्ती दिखाई लेकिन बाद में उनकी कार्रवाई ढीली पड़ गई। चार मकानों में तोड़फोड़ के बाद अन्य दो मकानों को छोड़ दिया।
कार्रवाई के दौरान महिलाएं व पुरुष हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे और अधिकारियों से गुहार लगाते रहे कि उनके मकानों को बख्श दिया जाए। लोगों का कहना था कि पहले भी तीन बार तोड़फोड़ हो चुकी है लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोग जेसीबी के आगे खड़े हो गए। इसके बाद भी जेसीबी मशीन चलाकर दीवार गिरा दी गई।
तोड़फोड़ के दौरान एक दीवार गिरने से तीन लोग घायल हो गए जिन्हें आसपास के लोगों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
एसडीएम अभिनव सिवाच ने बताया कि डीटीपी की ओर से बालौर गांव में 70 एकड़ पर बनी अवैध कालोनियों में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान एक डीलर कार्यालय, दो निर्माणाधीन संरचना, 12 डीपीसी, छह चारदीवारी गिराई गई। सराय औरंगाबाद राजस्व क्षेत्र में ओमेक्स सिटी के एक अनधिकृत गेट को सील किया गया।
इस दौरान डीटीपी अंजू, ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश तोमर और भारी पुलिस पुलिस बल मौजूद रहा। एसडीएम ने कहा कि नागरिक किसी भी अवैध कॉलोनी में प्लॉट या भूमि की खरीद फरोख्त ना करें। इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है। प्लॉट या भूमि खरीदने से पहले राजस्व और डीटीपी विभाग से सही जानकारी प्राप्त कर लें।
ए लाडो हाथ जोड़ू सू, टाइम दे दे
मौके पर मौजूद लोगों ने पहले तो विरोध किया लेकिन भारी पुलिस बल और अधिकारियों की सख्ती के कारण उनका विरोध काम न आ सकता। बाद में वहीं लोग हाथ जोड़कर मिन्नते करते नजर आए। डीटीपी अंजू के सामने महिलाओं ने खूब हाथ जोड़े। एक वृद्धा बोली कि ए लाडो हाथ जोडू सू, आज-आज का टाइम दे दयो। इस पर डीटीपी बोली-ए ताई मैं हाथ जोडू सू, मेरे हाथ म्ह कुछ कोन्या।
फोटो-56: बहादुरगढ़ बाईपास पर तोड़फोड़ कार्रवाई में घायल युवक को ले जाते उसके साथी। संवाद- फोटो : संवाद