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तीन पैक्स में डीएपी खत्म, 80 हजार एकड़ में बुवाई के लिए खाद का इंतजार

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फोटो नंबर 71: बादली पैक्स पर मौजूद कर्मचारी और किसान। (संवाद)
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बादली। क्षेत्र की बादली, छारा और देवरखाना प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) में डीएपी खाद खत्म होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 80 हजार एकड़ में सरसों और गेहूं की बुवाई के लिए किसान खाद का इंतजार कर रहे हैं। किसान पैक्स के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
गुभाना निवासी किसान हलपाल, विजय और रामकुमार ने कहा कि बुवाई के समय डीएपी की सबसे अधिक जरूरत होती है। प्रशासन को पहले से पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने तीनों पैक्स में जल्द खाद उपलब्ध कराने की मांग की।
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देवरखाना पैक्स के मैनेजर विजय के अनुसार, बाढ़सा, देवरखाना, दरियापुर, लगरपुर, लोहाट, इस्माइलपुर और मुंढाखेड़ा सहित आठ गांवों के किसान इस पैक्स से जुड़े हैं। यहां यूरिया उपलब्ध है, जबकि डीएपी खत्म हो चुकी है। पैक्स की ओर से 1100 बैग डीएपी की मांग भेजी गई है।
बादली पैक्स में मांग के मुकाबले मिले सिर्फ 500 बैग
बादली पैक्स के मैनेजर वजीर सिंह ने बताया कि मुख्यालय से चार हजार बैग डीएपी की मांग की गई थी, लेकिन सितंबर में केवल 500 बैग मिले, जो वितरित हो चुके हैं। इस पैक्स पर बादली, खेड़ी जट, एमपी माजरा, लाडपुर, सुहरा, जौंगीपुर, बामडोला, कुकड़ोला, मुनीमपुर, गुभाना, माजरी, पेलपा, सौंधी और निमाना सहित करीब 15 गांवों के किसान निर्भर हैं।
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छारा और देवरखाना में भी डीएपी नहीं
छारा पैक्स के मैनेजर विजय ने बताया कि छारा, मांडौठी, महराना, रेवाड़ी खेड़ा, अमरपुर, मातन और शाहपुर के किसान यहां से खाद लेते हैं। पैक्स में एनपीके उपलब्ध है, लेकिन डीएपी नहीं होने से किसानों की मांग पूरी नहीं हो पा रही।

फोटो नंबर 71: बादली पैक्स पर मौजूद कर्मचारी और किसान। (संवाद)
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