मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उम्र कितनी भी हो जाए, जीवन में अगर खुश रहना है तो थोड़ा-बहुत बचपन बचाए रखना चाहिए। अगर बचपन छिन गया तो हम उसी दिन बूढ़े दिखाई देने लगेंगे।
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मुख्यमंत्री बाल दिवस पर सोमवार को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से यशपाल सभागार में आयोजित बाल साहित्यकारों के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आठ बाल साहित्यकारों को 51-51 हजार रुपये सम्मान राशि, स्मृति चिह्न एवं शॉल प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने सम्मान राशि को कम बताते हुए आने वाले समय में इसे दोगुना करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने साहित्यकारों का आह्वान किया कि वे बच्चों को सही रास्ता दिखाएं। उन्होंने कहा कि टीवी के कार्यक्रमों से बच्चों की भाषा बदलती जा रही है।
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कई बार बच्चों से बात कर आश्चर्य होता है कि वे टीवी पर जो कार्यक्रम देखते हैं, वैसी ही भाषा बोलने लगते हैं। बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। इसलिए उनके बीच में ऐसा साहित्य आए जो हमारी परंपरा, संस्कृति और एक-दूसरे को सम्मान देने की भावना की जानकारी दे सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना हिंदी के तरक्की, खुशहाली नहीं हो सकती। अंग्रेजी संपर्क की भाषा हो सकती है, दूसरे देशों से जुड़ने की भाषा हो सकती है लेकिन हमारे देश में तरक्की की भाषा नहीं हो सकती है।
वरिष्ठ साहित्यकार शेरजंग गर्ग ने कहा कि बाल साहित्यकार देश के लिए बहुत बड़ा काम करता है। वह देश की नई पीढ़ी को बनाता है। उसकी रचनाओं को परिवार का हर सदस्य पढ़ता है। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने भी विचार रखे।
खूब हुई सीएम की प्रशंसा
सीएम अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
समारोह में पंजाबी अकादमी की पुस्तिका पंजाबी प्रवेशिका का लोकार्पण किया गया। अकादमी के उपाध्यक्ष हरपाल सिंह जग्गी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंजाबी अकादमी का गैर वेतन का बजट 10 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया।
समारोह में राजनीतिक पेंशन मंत्री राजेंद्र चौधरी, भाषा विभाग के प्रमुख सचिव किशन सिंह अटोरिया, मुख्यमंत्री के सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के निदेशक मनीष शुक्ल ने किया।
समारोह में करीब एक घंटा देर से पहुंचे मुख्यमंत्री की प्रशंसा भी खूब हुई। जहां सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गुरु और संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने उनके कार्यों की प्रशंसा की, वहीं वरिष्ठ साहित्यकार शेरजंग गर्ग ने उनकी तुलना प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से कर दी।
मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित लोगों को बाल दिवस, कार्तिक पूर्णिमा, गुरुनानक जयंती की बधाई देते हुए कहा कि आज का दिन इतिहास में बहुत दिनों बाद लौटा है। आज का चंद्रमा सबसे बड़ा है और सबसे अधिक रोशनी देने वाला है। ऐसा लगभग 70 साल बाद हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में मैं बच्चों को लाना चाहता था, लेकिन उदय प्रतापजी का फोन आने पर मैं टीवी देखते-देखते सीधे यहां चला आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी और संतुलन बनाने का रास्ता ही किसी प्रदेश या देश को आगे ले जा सकता है।
अगर किसी के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता है तो हमें बताएं? हमने दूसरों के रास्ते भी देख लिए हैं। दिल्ली की सरकार का रास्ता भी देख लिया। ढाई साल में क्या हुआ, कोई हमें बता दे? सूबे में एम्स तभी आ सका है जब समाजवादी सरकार ने दो जगह जमीन दी।
ये बाल साहित्यकार हुए सम्मानित
अमृतलाल नागर बाल कथा सम्मान अखिलेश श्रीवास्तव ‘चमन’, लखनऊ
डॉ. रामकुमार वर्मा बाल नाटक सम्मान लायकराम ‘मानव’, लखनऊ
शिक्षार्थी बाल चित्राकला सम्मान जावेद आलम शम्सी, कानपुर
सुभद्रा कुमारी चौहान महिला बाल साहित्य सम्मान डॉ. शशि गोयल, आगरा
लल्ली प्रसाद पांडेय बाल साहित्य पत्रकारिता सम्मान निश्चल, अलीगढ़
सोहन लाल द्विवेदी बाल कविता सम्मान डॉ. अजय ‘जनमेजय’, बिजनौर
जगपति चतुर्वेदी बाल विज्ञान लेखन सम्मान डॉ. अरविंद मिश्र, झांसी