समाज में लोगों को बेटियों के प्रति अपने नजरिये को बदलने की जरूरत है। अगर परिवार का पूरा सहयोग मिले तो लड़कियां हर फिल्ड में लड़कों से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
सेक्टर-26 स्थित गुुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वुमन में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा भारती जोशी शहर की लड़कियों के लिए रोल मॉडल से कम नहीं है। नौ साल की उम्र में मां का आंचल खोने के बाद भी भारती ने हिम्मत नहीं हारी। दिल लगाकर पढ़ाई की और सीबीएसई की एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्राप्त की।
बारहवी में प्राप्त किए थे 84 फीसदी अंक
बेटी की इस सफलता पर पंचायत भवन में कार्यरत दया किशन जोशी की खुशी का ठिकाना नहीं है। आज उन्हें अपनी बेटी पर नाज है।
सेक्टर-28 सी निवासी भारती ने अमर उजाला को बताया कि सीबीएसई नौवीं से बारहवीं क्लास में अव्वल आने वाले देशभर के 200 विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप देता है। उसे परिवार, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से बधाइयां मिल रही हैं।
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-8 से बारहवीं में (84 फीसदी अंक) टॉप करने पर उन्हें यह स्कॉलरशिप मिली है।
बड़े भाई के दिया श्रेय
दो दिन पहले ही सीबीएसई ने भारती के अकाउंट में एक लाख की राशि ट्रांसफर की है। उसने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई कैलाश जोशी को दिया है। बड़ा भाई उसे हर रोज सुबह 3 बजे से 6 बजे तक पढ़ाता था।
भारती का सपना एक सफल वकील बनना है। खाली समय में इंग्लिश म्यूजिक सुनना और टीवी देखना भारती का शौक है। गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वुमन की प्रिंसिपल डॉ. चरणजीत कौर ने कहा कि कॉलेज हमेशा होनहार छात्राओं को दाखिले के लिए प्रेरित करता है।