कान्हा की नगरी में सियासी युद्ध लड़ रहे प्रत्याशियों के चुनावी रथ पर उनके बेटे सारथी बनकर बैठे हैं। संभाल रखी है पूरी कमान। जो कभी सुबह को सात बजे सोकर उठते थे वो पांच बजे जाग जाते हैं। बिस्तर पर तो रात को एक बजे के बाद ही जा रहे हैं। सारा दिन चुनाव प्रचार में लगे रहते हैं। पापा को विधायक बनाने के लिए इन्होंने पूरी ताकत लगा दी है। गांव और मोहल्लों में जाकर अपने पापा की तारीफें करकर वोट मांग रहे हैं।
मथुरा जनपद की पांच विधानसभाओं पर इस समय चुनावी जंग छिड़ी है। एक-एक वोट के लिए जोर आजमाइश है। प्रत्याशी तो पूरी ताकत लगाए ही हैं उनके परिवार वाले भी दिन-रात एक किए हुए हैं। अधिकांश उम्मीदवारों के चुनाव का मैनेजमेंट उनके बेटों ने ही संभाल रखा है। किस तरह कर रहे हैं प्लानिंग जानिए-
सर्जन बेटे ने संभाल रखी है कमान
मथुरा-वृंदावन विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप माथुर के इलेक्शन की कमान उनके बेटे डा. मयंक माथुर ने संभाल रखी है। मयंक सर्जन हैं और दिल्ली में प्रैक्टिस करते हैं। पापा के चुनाव के लिए छुट्टी लेकर आए हुए हैं। सुबह को छह बजे निकल जाते हैं और रात तक लौट रहे हैं। चुनाव प्रचार का पूरा व्यूह वही तैयार कर रहे हैं।
एक एक वोट पर रखे हैं नजर
मथुरा-वृंदावन विधानसभा सीट से रालोद प्रत्याशी डा. अशोक अग्रवाल के इलेक्शन की कमान भी उनके डाक्टर बेटे डा. अभिषेक अग्रवाल ने संभाल रखी है। वह विधानसभा क्षेत्र के एक एक वोट पर नजर रखे हुए हैं। परिवार वालों को साथ लेकर सुबह ही प्रचार के लिए निकल जाते हैं। क्षेत्र के विकास को लेकर भी बड़े बड़े वादे लोगों से कर रहे हैं।
युवाओं की टीम लेकर जा रहे गांव गांव
बलदेव विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी पूरन प्रकाश के चुनावी रथ को उनके बेटे पंकज प्रकाश हांक रहे हैं। पंकज इंडियन आयल के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। पंकज का कहना है कि वह सुबह को छह बजे उठकर अपने साथियों के साथ निकल जाते हैं। गांव गांव जाकर वोट मांग रहे हैं। वह सुबह और शाम को कार्यकर्ताओं के साथ मंथन भी करते हैं।
प्रचार को बना रखा है मैनेजमेंट
गोवर्धन विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी कारिंदा सिंह के चुनाव का मैनेजमेंट उनके बेटे सुनील सिंह देख रहे हैं। किस क्षेत्र में प्रचार की गाड़ियां जानी हैं। कहां बैठक होगी। इन सभी बिंदुओं पर वह समर्थकों के साथ बैठकर चर्चा करते हैं। इतना ही नहीं शाम को सभी जगह से रिपोर्ट भी लेते हैं।
सुबह ही निकल जाते गांवों में
गोवर्धन विधानसभा से बसपा प्रत्याशी राजकुमार रावत के बेटे हरिमाधव शरण रावत सुबह ही प्रचार के लिए गांवों में निकल जाते हैं। घर घर जाकर वोट मांगते हैं। इतना ही नहीं शाम को जब प्रचार टीमें लौटकर आती हैं तो उनसे पूरी रिपोर्ट भी लेते हैं। कहां जनसंपर्क हो गया और कहां होना है इन बिंदुओं पर भी चर्चा करते हैं।\
हर रोज करते हैं मजबूत प्लानिंग
गोवर्धन विधानसभा से रालोद प्रत्याशी कुंवर नरेंद्र सिंह के इलेक्शन की कमान उनके बेटे कुंवर कुशाग्रराज सिंह ने संभाल रखी है। कुशाग्रराज हर रोज मजबूत प्लानिंग करते हैं। इसी प्लानिंग के साथ चुनावी टीमें निकलती हैं। वह खुद तो सुबह को प्रचार के लिए निकल ही जाते हैं साथ ही दूसरी प्रचार टीमों को भी रवाना करते हैं।