शव दफनाने को लेकर खड़ा हुआ बखेड़ा रविवार को भी जारी रहा। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक समुदाय के लोगों ने सड़क पर शव रखकर मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन की मौजूदगी में चिह्नित कब्रिस्तान में शव दफनाया गया।
सिंगहीडीह गांव की गुलाबों निशा की मौत शुक्रवार शाम को हो गई। लोगों ने शनिवार दोपहर में लाश दफनाने के लिए गांव के बाहर कब्रिस्तान पहुंचे। हिंदू समुदाय के लोग कब्रिस्तान की जमीन दूसरी जगह होने की बात कहते हुए शव दफनाने से रोक दिया। मामला बढ़ता देख एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में पैमाइश हुई तो वास्तव में कब्रिस्तान की जमीन कुछ दूरी पर थी और वह जमीन भीटा में निकली। मुस्लिम समुुदाय के लोग पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए भीटा की जमीन में लाश दफनाने की जिद पकड़ लिए। एडीएम वित्त और एएसपी के समझाने पर शनिवार देर रात को कब्रिस्तान में लाश दफनाने को मुस्लिम समुदाय के लोग राजी हो गए। प्रशासन के जाने के बाद लाश नहीं दफनाया। सुबह करीब 8 बजे भटनी बाइपास पर लाश रखकर लोगों ने सड़क जाम कर दी। इसकी जानकारी होने पर भाटपाररानी सीओ बैजनाथ और भटनी इंस्पेक्टर पहुंच गए। लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन का स्थायी सीमांकन कराने की बात कही। राजस्व विभाग की टीम को लेकर पहुंचे एसडीएम ने सीमांकन कराया। तब जाकर 9 बजे जाम खत्म हुआ और लाश दफनाया गया। एसडीएम आरपी तिवारी ने कहा कि सीमांकन की मांग को लेकर लोग सड़क जाम किए थे। कब्रिस्तान का सीमांकन करा दिया गया।