फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 लाख का चेक बाउंस होने पर कारोबारी को छह माह की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। चेक बाउंस के करीब आठ साल पुराने मामले में झज्जर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आदित्य वर्मा की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को 15 लाख रुपये की चेक राशि के साथ शिकायत दर्ज होने की तारीख से मुकदमे के निष्कर्ष तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से अतिरिक्त राशि बतौर मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया है। यह मुआवजा तीन माह के भीतर अदा करना होगा।
विज्ञापन


अदालत में चले अभियोग के अनुसार श्री श्याम ट्रेडिंग कंपनी, छुछकवास के प्रोपराइटर साहिल ने प्रिंस कंस्ट्रक्शन कंपनी, बरहाना के प्रोपराइटर राकेश के खिलाफ शिकायत दायर की थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने जुलाई 2018 में उससे रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) खरीदा था। विभिन्न बिलों के आधार पर 15 लाख 606 रुपये की राशि बकाया थी। भुगतान के लिए आरोपी ने एक सितंबर 2018 को 15 लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में जमा कराने पर 6 सितंबर 2018 को चेक बाउंस हो गया। इसके बाद कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने बचाव में कहा कि चेक सुरक्षा के तौर पर दिया गया था और सामान की राशि पहले ही चुकाई जा चुकी थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कहा कि आरोपी चेक पर अपने हस्ताक्षर से इन्कार नहीं कर सका और देनदारी खत्म होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं दे पाया। अदालत ने माना कि देनदारी मौजूद होने पर सुरक्षा के तौर पर दिया गया चेक भी भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह के कारावास और मुआवजा राशि अदा करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें