झज्जर/साल्हावास। इस साल झज्जर व साल्हावास में दो नए ओवरब्रिज बनकर तैयार हुए और आवागम भी शुरू हो गया। इससे लोगों को राहत मिली। झज्जर शहर के सिलानी बाईपास पर ओवरब्रिज लंबे समय से अटका हुआ था, लेकिन इस साल यह पूरा हुआ और यातायात भी शुरू हो गया। वहीं झाड़ली ओवरब्रिज बनने से यहां लगने वाले जाम से मुक्ति मिली।
इस साल जयपुर-हिसार रेलवे लाइन के झाड़ली फाटक पर ओवरब्रिज की सौगात मिली। पिछले दो साल से इसका काम चल रहा था। इस पर वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। यहां पर अंडरपास निर्माण कार्य भी अगस्त माह में ही पूरा हो गया। झाड़ली-मोहनबाडी, रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाले वाहन अंडरपास से ही गुजर रहे हैं। ओवरब्रिज बनने के बाद यहां घंटों तक लगने वाले जाम की समस्या अब न के बराबर है। ओवरब्रिज बनने से आसपास के करीब 20 गांव झाडली, मोहनबाडी, झांसवा, सासरौली, खेड़ा थरू, बहू, खोरडा, खानपुर कला, खानपुर खुर्द, गोरिया, मातनहेल, रूडियावास, नौगांव, सुंदरेहटी, झामरी, बाजितपुर, चैहडा, मालियावास गांवों को इसका लाभ मिला है।
ओवरब्रिज बनाने के लिए 43.64 करोड़ का बजट पास किया था। यह ओवरब्रिज झामरी फाटक से आगे मेट्रो मार्केट तक बनना था, लेकिन झामरी फाटक के साथ लगती जमीन अधिगृहित न होने के कारण यह ओवरब्रिज झामरी फाटक से लगभग 100 मीटर आगे बनना शुरू हुआ। इस कारण इस ओवरब्रिज पर 19 करोड़ रुपये की लागत आई है।
हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज विभाग की ओर से बनने वाले इस ओवरब्रिज का काम जून 2022 में शुरू हुआ था। यह ओवरब्रिज जुलाई 2023 में बनकर तैयार होना था, लेकिन रेलवे लाइन पर रेलवे विभाग को पुल बनाने में लगभग पांच से छह महीने लगे। इस दौरान हरियाणा स्टेट रोड एंड ब्रिज विभाग को ओवरब्रिज का काम बंद करना पड़ा। विभाग को इसके लिए लगभग एक साल अधिक समय लगा।
सिलाई बाईपास फ्लाईओवर हुआ शुरू
इस साल सिलानी बाईपास फ्लाईओवर भी शुरू हुआ। इसका निर्माण कार्य 2020 में शुरू हुआ था और चार साल में जाकर पूरा हुआ। झज्जर शहर का यह तीसरा फ्लाईओवर है। इससे पहले दुजाना और कोसली रोड पर फ्लाईओवर बनाया गया था।