बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश सरकार के 17 पिछड़ी जातियों को दलित कोटे में शामिल करने के फैसले पर करारा हमला बोला है। एक बयान जारी करके मायावती ने कहा कि अपने पूरे शासनकाल में सपा सरकार पिछड़ा वर्ग की सिर्फ यादव जाति का भला करती रही। अब चुनाव के पहले इन जातियों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
मायावती ने कहा, 17 जातियों को ओबीसी से निकालकर अनुसूचित जाति में शामिल करने का फैसला सिर्फ चुनावी हथकंडा है और ऐसा करके सपा सरकार इन लोगों की आंखों में धूल झोंक रही है।
उन्होंने कहा कि इस छलावे से ओबीसी गुमराह होने वाले नहीं। माया ने कहा कि इस फैसले से उनका फायदा नहीं बल्कि नुकसान होगा और ये लोग अपने ओबीसी कोटे के फायदे से भी वंचित हो जाएंगे जैसे 2005 में के आखिर में मुलायम सरकार की वजह से हुआ था।
उन्होंने कहा का कि कानूनी तौर पर भी ये फैसला एक तफा और गलत है क्योंकि अनुसूचित जाति की सूचि में किसी को शामिल करने और हटाने का अधिकार किसी राज्य की विधानसभा या राज्य सरकार के पास नहीं।