हिमाचल विधानसभा में एक बार फिर कटौती प्रस्ताव को लेकर जोरदार हंगामा हुआ।
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कटौती प्रस्ताव की वजह से प्रदेश सरकार के अल्पमत में आने के विपक्ष के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शुक्रवार को सदन से बाहर आते ही भाजपा को अपनी बात साबित करने की चुनौती दी। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिम्मत है तो भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लाए। इस तरह के प्रस्ताव का स्वागत रहेगा।
सीएम बोले कि इनकी अकड़ तो वे दूर नहीं कर सकते, पर ऐसी बातें प्रजातांत्रिक नहीं हैं। सीएम वीरभद्र सिंह शुक्रवार को प्रदेश विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि कटौती प्रस्ताव पर पहले से ही स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है।
विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल ने इसे स्पष्ट किया है। एक दफा जब स्पीकर की रूलिंग हो जाती है तो इसे सभी विधानसभा सदस्यों को मानना चाहिए। स्पीकर की रूलिंग के बाहर जाना प्रजातंत्र के खिलाफ है। जो वस्तुस्थिति थी, उस बारे में अध्यक्ष ने विस्तार से बातें की हैं।
मंत्रिमंडल में फे रबदल का विचार नहीं, पर विचार बदलते रहते हैं- मंत्रिमंडल या मत्रियों के पोर्टलियो में फेरबदल के सवाल पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि अभी उनका ऐसा कोई विचार नहीं है, मगर विचार बदलते रहते हैं।
दिल्ली में पार्टी की बैठक, अविश्वास जैसी बात नहीं- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि दिल्ली में पार्टी की बैठक है। इसमें अविश्वास जैसे किसी मामले में चर्चा नहीं होगी। प्रदेश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। वे कल बैठक में दिल्ली पहुंचेंगे।