गौरहारी खदान में पांच श्रमिकों की मौत के बाद रविवार को गांव पहुंची भाजपा की पांच सदस्यीय समिति ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्हें इटावा-मैनपुरी की तरह 25-25 लाख रुपये मुआवजा दिलवाने का भरोसा दिया।
27 मई को सुबह सात बजे गौरहारी खदान में पांच लोगों की मौत होने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करण सिंह पटेल के नेतृत्व मेें बनाई गई पांच सदस्यीय समिति ने करीब दो बजे ग्राम गौरहारी पहुंचकर मृतक भानुप्रताप सैनी, भागीरथ, मुकुंद, बारेलाल और राजू राजपूत के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मृतक राजू राजपूत की बहिन विमला ने बताया कि उसके भाई राजू की चट्टान गिरने से मौत नहीं हुई बल्कि पोकलैंड मशीन से खुरपा मारकर उसे घायल करने के बाद मलवे में दबा दिया गया जिससे उसकी मौत हो गई।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार दुर्घटना मुआवजे में भी भेदभाव कर रही है। इटावा में दुर्घटना में मरने वाले मृतक परिवारों को जहां 25-25 लाख मुआवजा दिया जाता है। उसी तरह गौरहारी खदान में चट्टान दबने से मारे गए श्रमिकों को भी 25-25 लाख रुपया दिया जाए और मृतक के एक एक आश्रित को नौकरी दी जाए। सभी मृतक परिजनों के घर जाकर उनसे हकीकत जानी।
अब जांच समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपेगी। पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत ने मृतकों के परिजनों को 10-10 हजार रुपये देकर आर्थिक सहायता की। समिति में कानपुर देहात के सांसद देवेंद्र सिंह भोले, जालौन सांसद भानुप्रताप वर्मा, महोबा हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल औ पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत शामिल थे।
हाईकोर्ट के जज से कराई जाए जांच
महोबा। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करन सिंह पटेल ने कहा कि गौरहारी कांड के मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज से करवाने की पहल की जाएगी जिससे इसमें तमाम 120 बी के मुल्जिम भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। मृतक के परिजनों के मुआवजे के लिए भाजपा संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पट्टे का नवीनीकरण न होने के बाद भी अवैघ खनन हो रहा था। इस मौके पर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, सांसद गंगाचरन राजपूत और भाजपा जिलाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह सेंगर मौजूद रहे।