कांग्रेस से गलबहियां कर रहे उत्तराखंड में भाजपा के निलंबित विधायक भीमलाल आर्य की सदस्यता पर भी संकट मंडरा गया है। भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मदन कौशिक ने मंगलवार को दल बदल कानून के तहत भीमलाल की सदस्यता समाप्त करने की याचिका विधानसभा सचिव को सौंपी।
भीमलाल पर 18 मार्च को सदन में पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने का आरोप है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि कल ही सदस्य को याचिका के आधार पर नोटिस सर्व कराकर सात दिन का समय दिया जाएगा। दल बदल कानून का प्रयोग हाल ही में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित अपने नौ बागी विधायकों के खिलाफ किया था।
कांग्रेस विधानमंडल दल की मुख्य सचेतक इंदिरा हृदयेश की ओर से दी गई याचिका में आचरण के जरिये दल के प्रति अविश्वास जताने को मुख्य आधार बनाया गया था। विधानसभा अध्यक्ष ने सात दिन का नोटिस जारी करने के बाद 27 मार्च को इन नौ विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का फैसला सुनाया था। अब यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है।
ठीक इसी तर्ज पर अब भाजपा ने अपने निलंबित घनसाली विधायक भीमलाल के खिलाफ भी दल बदल कानून के तहत विधानसभा सचिव को याचिका दी है। भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक मदन कौशिक की ओर से दी गई याचिका में भीमलाल पर 18 मार्च को सदन में पार्टी व्हिप के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। कौशिक की ओर से दी गई याचिका में कहा गया है कि मुख्य सचेतक की ओर से छह मार्च को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया था।
18 मार्च को सदन में भाजपा विधानमंडल दल विनियोग विधेयक पर मत विभाजन मांगने का फैसला किया था व्हिप जारी होने के बाद भी भीमलाल सदन में 18 मार्च को उपस्थित नहीं रहे। याचिका में यह भी कहा गया है कि भीमलाल आर्य ने हरीश रावत सरकार से अंबेडकर जयंती समारोह का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) का दर्जा इस ऐवज में हासिल किया।
पार्टी के मुख्य सचेतक मदन कौशिक और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने यह याचिका मंगलवार को विधानसभा सचिव को सौंपी। उधर, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने याचिका मिलने की पुष्टि की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस याचिका पर भी वहीं प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो पूर्व में अपनाई गई थी।
भीमलाल आर्य को बुधवार को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब देने को कहा जाएगा। भाजपा के इस समय सदन में 28 सदस्य हैं। भीमलाल की सदस्यता समाप्त होती है तो भाजपा के सदस्यों की सदन में संख्या भी 27 रह जाएगी। कांग्रेस भी अगर अपने नौ बागी विधायकों को हटा दे तो कांग्रेस के विधानसभा में 27 ही सदस्य हैं।