शिक्षक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मुजफ्फरपुर में एक शिक्षक की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि लू लगने से शिक्षक की मौत हो गई। स्कूल में गर्मी की छुट्टी नहीं दी गई। कमजोर छात्रों के लिए विशेष कक्षा चलाने का दबाव था। औराई प्रखंड के महावीर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मटिहानी से शिक्षक डॉ. अविनाश कुमार अमर कड़ी धूप में घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब तक अस्पताल ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। आननफानन में उन्हें एसकेएमसीएच पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक मुजफ्फरपुर के डीएम जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और जिला शिक्षा पदाधिकारी DEO अजय कुमार सिंह के ऊपर परिवाद को दायर किया है। धारा 302, 120B/ 34 के तहत परिवाद दायर किया है।
डॉ. अविनाश कुमार अमर साल 2014 से इतिहास के शिक्षक थे
परिजन परितोष कुमार ने बताया कि डॉ. अविनाश कुमार अमर साल 2014 से इतिहास के शिक्षक थे। कक्षा खत्म होने के बाद उनके बहनोई अविनाश अपनी बाइक से मुजफ्फरपुर शहर स्थित अपने घर सिकंदरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान मेडिकल ओवरब्रिज के निकट में तबीयत खराब होने लगी तो उन्होंने अपने सहकर्मियों को सूचना दी। सहकर्मी उन्हें एसकेएमसीएच ले गये लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका।
केके पाठक की गलत नीति के कारण स्कूल खुला
परिजनों का पहना है कि शिक्षक मूल रूप से हथौड़ी थाना के नरमा कफेन गांव के रहने थे और माता-पिता की देखभाल के लिए शहर में रहते थे। वह अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़कर चले गए। वहीं शिक्षक की पत्नी सीतामढ़ी जिले में बाल विकास परियोजना में पर्यवेक्षिका है। परितोष कुमार ने मुजफ्फरपुर की सीजेएम कोर्ट में आज मंगलवार को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक मुजफ्फरपुर के डीएम जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और जिला शिक्षा पदाधिकारी DEO अजय कुमार सिंह के ऊपर परिवाद को दायर किया है। परिवादी परितोष कुमार का कहना है कि भीषण गर्मी में भी केके पाठक की गलत नीति और आदेश के कारण स्कूल खोलकर उनके बहनोई को आदेश का पालन करना पड़ रहा था इस कारण उनकी मृत्यु हुई है। इसके बाद उन्होंने यह परिवाद दायर किया है।