बिहार में विकास योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर बिहार में भी एक राज्य स्तरीय आयोग का गठन किया जाएगा। यह आयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करने, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का कार्य करेगा।
योजना विभाग की समीक्षा बैठक में लिया फैसला
मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना, सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पंचायत सरकार भवन निर्माण और कब्रिस्तान घेराबंदी योजना समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए बनेगा डिजिटल पोर्टल
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की योजनाओं के प्रभावी संचालन और पारदर्शिता के लिए विधायकों एवं विधान परिषद सदस्यों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी, प्रगति और अनुश्रवण ऑनलाइन किया जा सकेगा।
हर जिले का बनेगा अलग बजट प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और विकास प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अलग बजट योजना तैयार की जाए। साथ ही प्रत्येक प्रखंड के लिए भी दीर्घकालिक और परिणामोन्मुखी विकास योजना बनाई जाए, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्रीय असंतुलन दूर हो।
2037 तक 'विकसित बिहार' का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर तक विकसित बिहार की स्पष्ट परिकल्पना और दीर्घकालिक विकास दृष्टि तैयार की जानी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें बिहार की जरूरतों के अनुसार अपनाने के निर्देश दिए गए।
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मौसम अलर्ट अब सीधे जनप्रतिनिधियों तक
बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मौसम संबंधी पूर्वानुमान और महत्वपूर्ण सूचनाएं सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों तक प्रतिदिन व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से समय पर पहुंचाई जाएं, ताकि आपदा प्रबंधन और तैयारियों को बेहतर बनाया जा सके।