नोटबंदी के एक माह बीतने के बाद भी शहर के बड़े बैंकों के बाहर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि कुछ बैंकों में स्थिति सामान्य होने लगी है। सबसे अधिक भीड़ उन बैंकों के बाहर लग रही है जहां उपभोक्ताओं को निर्धारित कैश नहीं दिया जा रहा। इससे उपभोक्ताओं को बैंकों के बार-बार चक्कर लगाने पड़े रहे है। इस कारण बैंकों के बाहर भीड़ कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है।
जबकि कुछ बैंकों में आरबीआई द्वारा निर्धारित राशी उपभोक्ताओं को वितरित की जा रही है जिसके चलते उन बैंकों में स्थिति सामान्य होने लगी है।
बुधवार को भी शहर के बैंकों में दोपहर तक उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें दिखाई दीं, जोकि समय बीतने के साथ ही कम होती गई।
वहीं शहर के रेवाड़ी रोड स्थित स्टेट बैंक इंडिया, महेंद्रगढ़ रोड व मंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में सायं तक भी लोगों की कतारें लगी रहीं। इन बैंकों में हर रोज इतनी ही भीड़ दिखाई देती है, क्योंकि उक्त बैंकों में उपभोक्ताओं की संख्या अन्य बैंकों के मुकाबले अधिक है। जबकि कैश की उपलब्धता कम होती है। इसके चलते बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को कैश उपलब्धता के आधार पर पैसे वितरित किए जा रहे हैं।
बुधवार को नहीं खुले एटीएम
बुधवार को शहर स्थित एटीएम मशीनों में कैश नहीं डाला गया। केवल दो एटीएम एचडीएफसी व कारपोरेशन बैंक के अलावा अन्य एटीएम बंद रहे। इस कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एटीएम में कैश नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को मजबूरन कुछ कैश के लिए बैंकों की कतारों में लगना पड़ा।
पिछली एक तारीख से पेंशन के लिए मंडी स्थित पीएनबी बैंक का चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन अभी तक पूरी पेंशन नहीं मिल पाई है। इस कारण प्रतिदिन गांव से आना-जाना पड़ रहा है। जिससे भारी परेशानी हो रही है। -सूबे सिंह, गहली
बैंक द्वारा कभी दो तो कभी चार हजार रुपये निकाल दे रहा हैं। जबकि उसे अधिक पैसे की जरूरत है। इस कारण बैंक के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे है। -नवीन, खानपुर
बैंकों में बुजुर्गों के लिए अलग से लाइन का प्रावधान किया गया है, लेकिन यहां बुजुर्गों के लिए अलग से कोई व्यवस्था की गई है। इस कारण अन्य लोगों के साथ उन्हें कतार में लगना पड़ रहा है। इससे नंबर आने से पूर्व ही कैश खत्म हो जाता है। -हरफूल सिंह
मंडी स्थित पीएनबी बैंक से पैसे निकलवाने के लिए पहुंचा था, लेकिन यहां केवल चार हजार रुपये ही वितरित कर रहे है। जबकि उसे अधिक पैसे की जरूरत थी। इस कारण उसे दोबारा बैंक आना पड़ेगा। -प्रदीप, खेतड़ी राजस्थान