भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी। इससे पहले रविवार का दिन भाजपा नेताओं के लिए काफी कठिन रहा। भाजपा नेताओं की कई घंटों तक चली मीटिंग के बाद ही सूची का ऐलान किया गया है। फिलहाल मेरठ जनपद की सात सीटों में से छह उम्मीदवारों के टिकट का ऐलान किया गया हैं। मेरठ कैंट सीट से अभी बीजेपी ने कोई दावेदार मैदान में नहीं उतारा है।
जिले में भाजपा ने छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए है जिनमें से मौजूदा विधायक रविंद्र भड़ाना का टिकट काटा गया। रविंद्र भड़ाना मेरठ दक्षिण से वर्ममान में विधायक है और उनकी जगह छात्र नेता सोमेंद्र तौमर को नया उम्मीदवार बयाना गया है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी सोमेंद्र तौमर को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन भाजपा समर्थकों द्वारा विरोध करने पर उनका ऐन मौके पर टिकट काट दिया गया था। पांच साल बाद फिर से भाजपा ने उन्हें नए उम्मीदवार के रुप में उतारा है। इस प्रकार है उम्मीदवार- सरधना से संगीत सोम, मेरठ शहर से डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, सिवालखास से जितेंद्र सतवाई, हस्तिनापुर से दिनेश खटीक, मेरठ दक्षिण से सोमेंद्र तौमर और किठौर से सत्यवीर त्यागी को उम्मीदवार बनाया गया है।
नहीं मिला कोई दावेदार
मेरठ शहर सीट पर डॉ. वाजपेयी लगातार सातवीं बार चुनाव लड़ेंगे। प्रदेश अध्यक्ष रह चुके डॉ. वाजपेयी चार बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं और इस बार भी उनके सामने किसी की दावेदारी टिक नहीं पाई। वहीं, सरधना सीट पर भी विधायक ठा. संगीत सोम के सामने कोई दावेदार इस बार पार्टी में सामने नहीं आया था।
संघ की पैरवी पर सोमेंद्र को टिकट
मेरठ दक्षिण सीट पर 2012 में ऐन वक्त पर डॉ. सोमेंद्र तोमर का टिकट काटकर रविंद्र भड़ाना को दिया गया था। वह चुनाव जीत गए थे। बावजूद इसके इस बार वह टिकट बचाने में कामयाब नहीं हो पाए। माना जा रहा है कि इन पांच वर्षों में भड़ाना पार्टी के स्थानीय नेतृत्व को नहीं साध पाए। वहीं सोमेंद्र का टिकट तय होने के पीछे सांसद राजेंद्र अग्रवाल और संघ की मजबूत पैरवी भी माना जा रहा है।
सतवाई को मिला स्थानीय होने का लाभ
सिवालखास सीट का व्यूह भेदना भाजपा के लिए अबूझ पहेली रहा है। यहां इस बार सबसे ज्यादा दावेदार थे। जहां गैर जाट और जाट के बीच प्रत्याशी चयन की बात उठ रही थी। लेकिन जाट बहुल विधानसभा में भाजपा ने जाट कार्ड खेला। प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह सतवाई को स्थानीय होने के साथ ही सांसद सत्यपाल सिंह के करीबी होने का लाभ मिला। यहां से जिपं सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला और पूर्व जिपं अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह को तगड़ा झटका लगा। दोनों ही अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे थे। इसके अलावा पं. सुनील भराला को भी मायूसी हाथ लगी। डॉ. मीनाक्षी भराला के टिकट कटने के पीछे जहां जिला पंचायत चुनाव में क्रास वोट के आरोप का कारण माना जा रहा है, तो मनिंदरपाल सिंह का टिकट कटने के पीछे उनका लगातार दल बदलना और जिला पंचायत चुनाव में स्वयं और पत्नि का चुनाव हारना माना जा रहा है।
कैंट पर सस्पेंस
कैंट सीट को लेकर सबसे ज्यादा घमासान मचा है। यहां संघ और भाजपा के बीच पाले खींचे हैं। वर्तमान विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल जहां 75 साल की आयु पार करने के कारण टिकट बचाने को जोर लगा रहे हैं, तो दावेदारी में पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, मुकेश सिंघल, संजीव जैन सिक्का, जयकरण गुप्ता, पवन मित्तल, अजय गुप्ता, विनीत शारदा, हरिकांत अहलूवालिया, राजीव दीवान आदि हैं। इनमें कई की पैरवी जहां संघ के अलग-अलग नेता कर रहे हैं, तो कुछ की पैरवी में भाजपा के वरिष्ठ नेता लगे हैं। इसके अलावा ग्राउंड रिपोर्ट भी कुछ दावेदारों को आगे ले जा रही है। इसी खींचतान में कैंट का टिकट फिलहाल रोका जाना बताया जा रहा है।
मेरठ शहर सीट
प्रत्याशियों का प्रोफाइल
प्रत्याशी : डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, वर्तमान विधायक
पार्टी में स्थिति : लगातार छह बार मेरठ शहर सीट से चुनाव लड़ते हुए चार बार विधायक रह चुके हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रहे और अब सातवीं बार चुनाव मैदान में हैं।
व्यवसाय : आयुर्वेदिक दवा बनाने की कंपनी है।
निवास : न्यूमोहनपुरी, मेरठ।
कार्यकर्ताओं के भरोसे की जीत है। हमने पांच सालों में बहुत विकास कराया है। केंद्र की सरकार लगातार जनहित के फैसले कर रही है। इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। -लक्ष्मीकांत वाजपेयी, शहर
सरधना सीट
प्रत्याशी : ठाकुर संगीत सोम
पार्टी में स्थिति : वर्ष-2012 में भाजपा से चुनाव लड़े और विधायक चुने गए। मुजफ्फरनगर दंगे में आरोपी बनने के बाद पार्टी में मजबूत स्थिति बनी।
व्यवसाय : भट्ठा और खेती।
निवास : मूलरूप से सरधना के गांव मोमन फरीदपुर के रहने वाले हैं। सरधना में भी निवास।
क्षेत्र में पांच साल में विकास के नए रिकार्ड बनाए हैं। प्रदेश की सरकार के तुष्टिकरण के खिलाफ लगातार संघर्ष किया है। दंगों में आज भी सैकड़ों की संख्या में युवा जेलों में बंद हैं। - संगीत सोम, सरधना विधानसभा।
मेरठ दक्षिण सीट
प्रत्याशी: डॉ. सोमेंद्र तोमर
पार्टी में स्थिति : छात्रसंघ नेता रहने के साथ वर्तमान में भाजयुमो के राष्ट्रीय मंत्री हैं और पार्टी द्वारा कई चुनावों में युवाओं को साधने की जिम्मेदारी भी दी जा चुकी है।
व्यवसाय : व्यावसायिक शिक्षण संस्थान है।
निवास : शास्त्रीनगर, मेरठ।
पार्टी ने भरोसा जताकर पूरे युवा वर्ग को सम्मान दिया है। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के आशीर्वाद से सभी को साथ लेकर चुनाव जीता जाएगा। -सोमेंद्र तोमर, मेरठ दक्षिण
किठौर सीट
प्रत्याशी : सत्यवीर त्यागी
पार्टी में स्थिति : लोकसभा चुनाव में रालोद से भाजपा में आए। इससे पूर्व वर्ष-2012 में किठौर से ही रालोद से चुनाव लड़ा और तीसरे नंबर पर रहे।
व्यवसाय : खेती।
निवास : मूल रूप से वजीदपुर हापुड़ के निवासी हैं। गढ़ रोड स्थित कॉलोनी में रहते हैं।
लोगों के प्यार और पार्टी के नेताओं के भरोसे पर खरा उतरा जाएगा। क्षेत्र की जनता इस बार बदलाव चाहती है। लोगों की भावनाओं के हिसाब से चुनाव लड़ा जाएगा। -सतवीर त्यागी, किठौर विधानसभा।
सिवालखास सीट
प्रत्याशी : जितेंद्र सिंह सतवाई
पार्टी में स्थिति : दो साल पहले भाजपा ज्वाइन की। शिक्षक संघ की सियासत में सक्रिय रहे। संघ के कार्यक्रमों से जुड़े रहे।
व्यवसाय : खेती के साथ ही सतवाई के इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं।
निवास : सिवालखास क्षेत्र के गांव सतवाई में रहते हैं।
मैं लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था। लगातार पार्टी के लिए काम किया है। पार्टी ने जो भरोसा जताया है उसके लिए पार्टी का धन्यवाद है। हम हर हाल में चुनाव जीतेंगे। -जितेंद्र सतवाई, सिवालखास
हस्तिनापुर सीट
प्रत्याशी : दिनेश खटीक
पार्टी में स्थिति : संघ की पृष्ठभूमि के साथ दस साल से जिला कार्यकारिणी में पदाधिकारी रहे हैं। भाई को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़वाकर जिताया।
व्यवसाय : भट्ठा और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम है।
निवास : मूल रूप से मवाना क्षेत्र निवासी। गंगानगर में रह रहे हैं।
पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता होने का लाभ मिला है। भाजपा की लहर है। अपनी ईमानदार छवि से चुनाव जीतूंगा। हम तीन पीढ़ियों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। -दिनेश खटीक, हस्तिनापुर विधानसभा।