तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने राज्य में समयपूर्व चुनाव कराने के कदम पर उसके प्रमुख के चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर सवाल उठाने वाले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर पलटवार किया है। गुरुवार को टीआरएस ने कहा कि राव ने बिल्कुल वैसा ही किया है जैसा गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2002 में किया था।
अमित शाह ने साधा था राव पर निशाना
करीमनगर में भाजपा की एक जनसभा में शाह ने बुधवार को कार्यवाहक मुख्यमंत्री राव पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने राज्य की जनता पर करोड़ों रुपयों के अतिरिक्त चुनाव खर्च का बोझ डाला है क्योंकि सामान्य स्थिति में इस राज्य में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव के साथ होना था।
शाह ने दावा किया कि राव का कदम बताता है कि वह मोदी से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ होते तो मोदी फैक्टर ने राज्य चुनाव को प्रभावित किया होता। तेलंगाना में विधानसभा चुनाव सात दिसंबर को होने हैं।
राव की सिफारिश पर सात सितंबर को, समय से करीब नौ महीने पहले, विधानसभा भंग की गई थी। पीटीआई से बात करते हुए यहां से 160 किलोमीटर दूर स्थित करीमनगर से लोकसभा सदस्य बी विनोद कुमार ने शाह को घेरने का प्रयास किया।
गुजरात में चुनाव का दिया हवाला
कुमार ने कहा कि किसी न किसी समय इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, एनटी रामाराव और एन चंद्रबाबू नायडू ने समयपूर्व चुनाव का विकल्प अपनाया था। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल कभी न कभी समयपूर्व चुनाव करा चुके हैं। यहां तक कि मोदी भी ।
उन्होंने कहा कि मोदी ने 2002 में समयपूर्व चुनाव क्यों कराए थे? पहले मोदी को जवाब देना चाहिए। केसीआर की तरह उन्होंने भी 2002 में तय समय से आठ महीने पूर्व चुनाव कराए थे। मोदी ने समयपूर्व चुनाव क्यों कराए? इसका जवाब केसीआर का भी जवाब है।
इस बारे में पूछे जाने पर कि राजनीतिक गलियारों में टीआरएस और भाजपा के बीच गुप्त समझ होने की चर्चा है, कुमार ने इस बात से पूरी तरह से इंकार किया। उन्होंने कहा कि बिल्कुल नहीं। हमारा भाजपा या कांग्रेस से कोई राजनीतिक गठबंधन न तो अभी है और ना ही भविष्य में होगा।