एयरपोर्ट से इंटरनेशनल उड़ानों को शुरू करने से पहले यहां के अप्रोच रोड को चौड़ा करने की योजना है। सड़क को चौड़ा करने के लिए सेना से जमीन लेनी होगी। इसलिए मंजूरी के लिए इसे रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट तक आने जाने के लिए अभी केवल सिंगल लेन है। घरेलू उड़ानों के दौरान भी यात्रियों को रास्ते में जाम का सामना करना पड़ता है। इसलिए उड़ाने बढ़ाने से पहले चंडीगढ़ में एयरपोर्ट अथारिटी ने इस रोड को चौड़ा करने की डिमांड की है। यह रोड तब चौड़ी होगी जब सेना इसके लिए जमीन छोड़ेगी।
यहां से इंटरनेशनल उड़ाने शुरू करने की तैयारी चल रही है। स्पाइसजेट ने चंडीगढ़ से इंटरनेशलन उड़ान की अनुमति भी मांगी है।
अप्रोच लाइटों को अपग्रेड नहीं किया
एयरपोर्ट पर अब तक अप्रोच लाइट्स का अपग्रेडशन नहीं किया जा सका है। सूत्र बताते हैं कि यह काम चंडीगढ़ एयरफोर्स का है। सारी लाइट्स रनवे पर हैं और रनवे एयरफोर्स द्वारा आपरेट किया जाता है।
अप्रोच लाइट्स के अपग्रेडेशन से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लगाए गए आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) की विजिबिलिटी में भी बदलाव हो जाएगा। फिलहाल 800-1200 मीटर की विजिबिलिटी पर विमान उतरते हैं जबकि अप्रोच लाइट्स के अपग्रेड होने के बाद विमानों चार से पांच सौ विजिबिलिटी पर उतारे जा सकेंगे।
वाच आवर्स बढ़ाने होंगे
चंडीगढ़ एयरपोर्ट में इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए सबसे अहम वाच आवर्स हैं। अभी यहां सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक ही विमानों की लैंडिंग करवाई जा सकती है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स के दौैरान नाइट लैंडिंग सबसे अहम होती है। ऐसी स्थिति में वाच आवर्स को बढ़ाना भी आवश्यक है।