बिजली के एडवांस बिल में सिक्योरिटी की मोटी वसूली से गुस्साए ने चंडीगढ़ प्रशासन से अपनी मांग मनवाने के लिए गांधीगीरी का सहारा लिया। उद्यमी बुधवार को चंडीगढ़ के वित्त सचिव से मिलने पहुंचे। जब वित्त सचिव नहीं मिले तो कुछ उद्यमियों ने अपनी शर्ट उतार दी और बैठकर इंतजार करने लगे।
करीब चार घंटे के इंतजार के बाद वित्त सचिव वीके सिंह उद्यमियों से मिले। उन्होंने संशोधित नोटिस भेजने का आश्वासन दिया है। चंडीगढ़ के उद्यमी बुधवार को चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त सचिव के सामने प्रशासन के बिजली विभाग द्वारा भेजे गए बिजली के बिल लेकर पहुंचे।
यूटी सचिवालय में वित्त सचिव से मुलाकात न होने पर उद्यमियों ने अपनी शर्ट उतार दी और चुपचाप खड़े हो गए। उद्यमियों का कहना है कि एडवांस सिक्योरिटी बिल नहीं लिया जा सकता है।
उद्यमियों ने जिस समय प्लाट लिए थे तभी एडवांस बिल दे दिए थे। उद्यमियों का कहना है कि सिक्योरिटी के नाम पर लाखों का भुगतान किया तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। प्रशासन ने बिना नोटिस के बिल भेज दिए गए। जमा नहीं कराया तो बिजली का कनेक्शन कटेगा।
सत्तर उद्यमियों ने की मुलाकात
चार घंटे के इंतजार के बाद उद्यमियों की वित्त सचिव वीके सिंह से मुलाकात हो सकी। उनसे मिलने करीब सत्तर उद्यमी पहुंचे थे। इनमें छह अलग-अलग एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल रहे। वित्त सचिव के साथ यहां पर सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एमपी सिंह भी मौजूद रहे।
वित्त सचिव से उद्यमियों की सीधी बात
सवाल- हम पर यह सिक्योरिटी क्यों थोपी गई?
जवाब-हमने यह सिक्योरिटी नहीं थोपी है, यह जेईआरसी का काम है।
सवाल-सिक्योरिटी के लिए आपको नोटिस देना चाहिए?
जवाब-नोटिस नहीं दिया, लेकिन दो महीने पहले हमने बिजली बिल में ही यह स्पष्ट किया था।
सवाल-उद्यमी सिक्योरिटी के लिए इतना रुपया कहां से लाएंगे?
जवाब-मैं पहले भी कह चुका हूं कि यह मुद्दा जेईआरसी का है।