पंचायत चुनाव के दौरान मतदाता सूची मे गड़बड़ी को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर हुई सुनवाई के क्रम में विक्रमजोत ब्लाक के तीन पंचायत कर्मियों पर गाज गिरी है।
उच्च न्यायलय के निर्देश पर जिलाधिकारी ने दो पंचायत कर्मियंो के निलंबन व बीएलओ की सेवा समाप्त करने का फरमान डीपीआरओ व बीएसए को दिया है। न्यायालय ने 11 जुलाई को इसी मामले में अगली सुनवाई पर एसडीएम को तलब किया है।
पिछले वर्ष संपन्न हुए पंचायत चुनावों मे मतदाता सूचियो मे ब्यापक गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थी। प्रशासन ने पुरूष महिला अनुपात मे अंतर कम करने के नाम पर मनमानी करते हुए कई गांवो की सूचियों से पात्र लोगो का नाम काट दिया था। जिसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी सहित उच्चाधिकारियों से लोगो ने की थी, मगर तब तक चुनाव सपन्न हो गए और मामला रफा दफा मान लिया गया।
मगर विक्रमजोत ब्लाक के चपिलांव गांव मे हुई गड़वड़ी को लेकर पूर्व प्रधान जगन्नाथ सिंह ने उच्च न्यायलय मे याचिका दाखिल किया। जिस पर हुई सुनवाई में उच्च न्यायलय ने जिलाधिकारी को जांच का निर्देश दिया। इस मामले की जांच में तीनो पर लगे आरोपो की पुष्टि हुई। जिस पर गांव मे तैनात प्रेरक /बीएलओ नीरज वर्मा, ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल सिंह व एडीओ पंचायत राम सुभाष वर्मा पर कार्यवाही हुई है। बीएलओ नीरज बर्मा की सेवा समाप्त करने व ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल सिंह व एडीओ पंचायत राम सुभाष वर्मा के निलंबन का आदेश हुआ है।