अदालती आदेश पर जब महिला का आधार बनाया जाने लगा तो पता चला कि उसका विवरण पहले से आधार प्राधिकरण के पास मौजूद था। इससे पुलिस को उसके नाम व निवास स्थान आदि की जानकारी मिली। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया। जिसके बाद महिला को आशा किरण होम से घर वालों को सौंपने का रास्ता साफ हो गया।
कश्मीरी गेट मिली थी महिला
बता दें कि यह महिला पुलिस को कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास फरवरी में भटकती थी। महिला को इहबास में भर्ती कराया गया था। अदालत ने जब उससे बातचीत की तो पाया कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
अदालत ने यौन शोषण की शंका के मद्देनजर उसकी जांच का निर्देश दिया था। जांच में दुष्कर्म की कोई बात सामने नहीं आई।