नेपाल के पीएम केपी ओली
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उन्होंने कहा कि हिमालय में होने वाली वनस्पतियों पर नेपाल और उत्तराखंड में शोध होना चाहिए। शोध से पता चल सकेगा कि कौन सी वनस्पति हर्बल और कौन सी जहरीली है। इसके लिए भारत सरकार और पंतनगर विवि के साथ मिलकर शोध, संकाय सदस्यों एवं विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को बढ़ाना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की तारीफ करने के साथ ही और तरक्की करने की शुभकामनाएं भी दीं। संचालन कुलसचिव डॉ. एपी शर्मा और कृषि संचार के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके कश्यप ने किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के गोविंद बल्लभ पंत कृषि विश्वविद्यालय के दौरे को पर्यटन को बढ़ावा और दोनों देशों के बीच मैत्री संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओली इशारों में ही कह गए कि हिमालयी क्षेत्र पर्यटन हब बन सकता है। नेपाल और उत्तराखंड में इसकी अपार संभावनाएं हैं। ओली ने कहा कि नेपाल में कामाख्या देवी और पशुपति नाथ जैसी धार्मिक स्थल हैं तो उत्तराखंड में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के अलावा मां पूर्णागिरि देवी का धाम है।
नेपाल और उत्तराखंड मिलकर पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि काठमांडू से देहरादून तक के लिए हवाई सेवा शुरू होने से सैलानी उत्तराखंड और नेपाल की संस्कृति देखने के साथ ही पर्यटन स्थलों का भी लुत्फ उठा सकेंगे।
कार्यक्रम में राज्यपाल डॉ. केके पाल ने कहा कि नेपाल और उत्तराखंड संस्कृति, व्यापार के साथ अन्य बहुत सी समानताएं रखते हैं। हमारी चुनौतियां भी एक जैसी हैं और दोनों ही अपने लोगों की बेहतरी, वातावरण सुरक्षा एवं प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड और नेपाल का गर्भनाल जैसा संबंध है। सुखद संयोग है कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय नेपाल के इतने करीब है। नेपाल के साथ मिलकर विश्वविद्यालय औद्यानिकी एवं औषधीय फसलों के क्षेत्रों में कार्य कर सकता है।