झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सफाई कर्मचारी 29वें दिन भी हड़ताल पर रहे। नगर परिषद के 109 कर्मचारी लगातार आंदोलनरत हैं। इस कारण शहर की कई कॉलोनियों में घर-घर से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
शहर की सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में लगभग 10 टन कूड़ा जमा हो गया है। वीरवार को सर्व कर्मचारी संघ से राजेंद्र जुलाना, रमेश जाखड़, कैप्टन सतवीर और सरोज दुजाना ने हड़ताली कर्मचारियों का समर्थन किया। संयुक्त किसान सभा से दिलबाग दलाल भी कर्मचारियों को संबोधित करने पहुंचे। इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं करेगी, आंदोलन तेज होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। मंच संचालन इकाई सचिव विकास उज्जैनवाल ने किया।
कर्मचारियों ने 13 मई 2026 के संघ-सरकार समझौते को लागू करने की मांग की। फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी देने की बात कही गई। उन्होंने पैरोल के सफाई कर्मचारियों व सीवरमैन को पक्का करने की मांग की। झज्जर के 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को वापस लेने की मांग भी शामिल है। अन्य मांगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपये, ठेका प्रथा बंद करना, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये, सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित करना और 5000 रुपये जोखिम भत्ता देना शामिल है।