मोहाली। पुडा भवन में वीरवार को उस समय जबरदस्त हंगामा हुआ, जब लुधियाना निवासी एक महिला द्वारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे एनआरआई महिला का सेक्टर-68 स्थित आठ मरले का करोड़ों रुपये का प्लॉट बेच दिया गया। दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में इस मामले की पोल खुली। इसके बाद प्लॉट के खरीददार और मोहाली प्रॉपर्टी कंसलटेंट एसोसिएशन के सदस्यों ने उक्त महिला को गमाडा में दस्तावेजों पर साइन करने के लिए बुलाया। जब उक्त महिला गमाडा पहुंची तो वहां पर पहले से ही प्लॉट के असल मालिक और खरीदार मौजूद थे। खरीदार ने उक्त महिला को गमाडा अधिकारियों के सामने पेश किया। इसके बाद उक्त महिला ने भी अपनी गलती कबूल कर ली। वहीं, शाम को गमाडा के एस्टेट आफिस ने उक्त महिला के खिलाफ थाना फेज-8 में धोखाधड़ी की शिकायत दी। पुलिस ने देर शाम को एनआरआई की शिकायत पर लुधियाना निवासी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
फेज-11 निवासी इंदरपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2012 में सेक्टर-68 में 1328 नंबर प्लॉट कथित परमजीत कौर (नीलम रानी) निवासी लुधियाना से 50 लाख का खरीदा था। यह सौदा उन्होंने सेक्टर-68 के एक प्रॉपर्टी डीलर के जरिए किया। इसी बीच 8 अप्रैल को उन्हें गमाडा की तरफ से एक पत्र मिला, जिसमें उन्हें प्लॉट के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया। जब वह गमाडा आफिस गए तो वहां पर प्लॉट की असल मालिक कनाडा निवासी परमजीत कौर भी हाजिर थीं। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुए धोखे का पता चला। इसके बाद उन्होंने उक्त प्रॉपर्टी डीलर से संपर्क किया। इस पर वीरवार को नीलम रानी को उन्होंने साइन करने के बहाने गमाडा आफिस में बुलाया। करीब तीन बजे नीलम अपने एक जानकार के साथ पहुंची। वहां पर प्रॉपर्टी डीलर, प्लॉट का खरीदार और असली मालिक पहले से मौजूद थे। नीलम के गमाडा पहुंचते ही उसे घेर लिया गया और गमाडा अधिकारियों के पास ले गए। इस दौरान नीलम ने माना कि उन्होंने धोखाधड़ी कर प्लॉट बेचा था। इसके बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे गमाडा के एसीए मनजीत बराड़ ईओ आफिस पहुंचे। इसके बाद गमाडा अधिकारियों ने केस से संबंधित सारे रिकॉर्ड की जांच कर केस पुलिस को भेज दिया। उधर, गमाडा की ईओ नवजोत कौर ने कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कई और लोग भी केस में शामिल : नीलम
इस दौरान लुधियाना निवासी महिला नीलम ने बताया कि वह प्रॉपर्टी का कारोबार करती है। उसका एक बेटा है, जबकि पति से तलाक हो चुका है। उसने आरोप लगाया कि जिन लोगों के साथ मिलकर वह यह कारोबार कर रही थी, उन्होंने उसे ब्लैकमेल कर इस केस में फंसाया है। उसने बताया कि इस केस में लुधियाना के तीन और व्यक्ति भी शामिल हैं। उन्होंने मोहाली और चंडीगढ़ में इसी तरह से कई प्लॉटों की खरीद फरोख्त की है। उसने कहा कि गमाडा को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।
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सिक्योरिटी गार्ड से उलझे प्रॉपर्टी डीलर
इसी मामले के चलते सारे शहर के प्रॉपर्टी डीलर इकट्ठे होकर गमाडा पहुंच गए। वह मांग कर रहे थे कि उक्त महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया जाए। वहीं जब गमाडा में ज्यादा प्रॉपर्टी डीलर पहुंच गए तो स्थिति को काबू करने के लिए गमाडा अधिकारियों ने सिक्योरिटी को आदेश दिए। इसके बाद गमाडा स्टाफ और डीलरों के बीच काफी बहस हुई। इस दौरान प्रॉपर्टी डीलराें और गमाडा स्टाफ में धक्का-मुक्की तक की नौबत भी आई।
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गमाडा मुलाजिम भी संदेह के घेरे में
जिस प्रकार फर्जी दस्तावेज तैयार कर लुधियाना निवासी नीलम ने प्लॉट को बेचा था, उससे एस्टेट आफिस में कार्यरत मुलाजिम भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। क्योंकि असल दस्तावेज तो गमाडा में जमा होते हैं। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों में उक्त महिला ने अपनी फोटो लगाई थी। इसके अलावा अन्य कई कमियां भी थीं, जो प्रॉपर्टी बेचते समय नजर में आ सकती है। मोहाली प्रॉपर्टी एसोसिएशन ने इस संबंध में भी जांच की मांग की है।