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75 लोगों ने की अंगदान की घोषणा

Mon, 27 Nov 2017 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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रुद्रपुर के नैनीताल रोड पर रन फॉर हैल्थ में दौड़ते लोग। - फोटो : Amar ujala
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अंगदान जागरुकता शिविर में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 75 लोगों ने अंगदान की घोषणा की। इनमें 25 महिलाओं और 50 पुरुष हैं। एम्स दिल्ली से पहुंची टीम ने लोगों को अंगदान के संबंधित विभिन्न जानकारियां दीं।
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रविवार को सामाजिक संस्था क्रिएटिव उत्तराखंड के 12वें स्थापना दिवस मौके पर सृजन पुस्तकालय राजकीय प्राथमिक विद्यालय परिसर में अंगदान जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर के शुभारंभ से पूर्व मुख्य अतिथि पर्वतारोही लवराज सिंह धर्मसत्तू की अगुवाई में रन फोर हेल्थ आयोजित की गई। सृजन पुस्तकालय से शुरू हुई दौड़ शहर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई बीआरसी परिसर में संपन्न हुई।

इसके बाद हुए अंगदान जागरुकता शिविर में एम्स दिल्ली से आए डॉ. राजीव मैखुरी ने लोगों को अंगदान की जानकारियां दीं। अंगदान को लेकर व्याप्त भ्रांतियों पर चर्चा की। कहा, एम्स की ओआरबीओ यानी अंग पुन: स्थापन बैंकिंग संस्था के माध्यम से जयपुर, भोपाल, चंडीगढ़ समेत 18 राज्यों में कई स्थानों पर शिविर आयोजित कर चुके हैं। अब तक 60 हजार से अधिक लोग अंगदान की घोषणा कर चुके हैं। उत्तराखंड में पहली बार शिविर आयोजित हुआ। शिविर में हल्द्वानी निवासी अंकित पंत ने अपने जन्मदिन और रुद्रपुर निवासी एम उपाध्याय ने विवाह की सालगिरह पर अंगदान का संकल्प लिया।
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रुद्रपुर के डॉ. नलिन रस्तोगी ने पिता डॉ. डीसी रस्तोगी, पत्नी मोनिका, बेटा निमित, बेटी तन्वी के साथ अंगदान के लिए पंजीकरण कराया। शिविर में 75 लोगों ने अंगदान के लिए आवेदन किया जबकि करीब 50 लोगों ने डाक से पंजीकरण फार्म भेजने की बात कही है। इस दौरान क्रिएटिव उत्तराखंड के संयोजक हेम पंत, साहित्यकार अशोक पांडे, ऊषा टम्टा, भूपेन सिंह, चारु तिवारी, आशुतोष उपाध्याय, आरती उपाध्याय, डॉ. एलएम उप्रेती, पवन अग्रवाल, कस्तूरी लाल तागरा, विजय साहनी, सबाहत हुसैन, हरीश त्रिपाठी, संदीप सिंह, अली सिद्दीकी, डॉ. वीपी गुप्ता, दयाल पांडे आदि मौजूद रहे।

पुस्तक का विमोचन हुआ तो मरीजों की जांच भी
शिविर में युवा लेखक कमल पंत की पुस्तक चना चटपटा का विमोचन किया गया। कुमाऊं कवि शंकर दत्त जोशी ने अपनी चर्चित कविता पनुवा सुनाकर लोगों को तालियां बजाने को विवश कर दिया। उन्होंने मोबाइल के हमारे जीवन पर बढ़ते दखल पर कविता भी सुनाई। इस दौरान डॉक्टरों ने 126 लोगों को निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श किया। इसके अलावा पावर पैथोलॉजी की टीम ने सौ लोगों के निशुल्क ब्लड ग्रुप की जांच की।
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