पीलीभीत-टनकपुर निर्माणाधीन बड़ी रेल लाइन का काम तेजी से चल रहा है। 90 पौंड की जगह 110 पौंड की पटरियां बिछाने का काम चकरपुर तक पूरा हो चुका है। इधर, दो बार हुए सफल ट्रायल के बाद बृहस्पतिवार को 54 बोगियों की मालगाड़ी यहां पहुंची है, जो शनिवार सुबह पत्थर की गिट्ट (बेलास्ट) लेकर पीलीभीत को रवाना होगी।
काली कुमाऊं के अंतिम रेल हेड टनकपुर को बड़ी रेल लाइन सेवा से जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। पीलीभीत से मझोला तक काम पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है। मझोला से टनकपुर के बीच 90 पौंड की लाइन बिछाने के बाद एक रेल इंजन और मालगाड़ी दौड़ाकर ट्रायल लिया जा चुका है। यहां से पत्थर की गिट्टी ले जाने के लिए बृहस्पतिवार को 54 बोगियों की डीएमपी (डिपार्टमेंट मैटेरियल ट्रेन) यानि कि मालगाड़ी शाम पांच बजे यहां पहुंची है। स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने बताया कि यह मालगाड़ी शनिवार सुबह पीलीभीत को रवाना होगी। उन्होंने बताया कि 90 पौंड की लाइन उखाड़ कर अब 110 पौंड की लाइन बिछाई जा रही है। टनकपुर से चकरपुर तक लाइन बदली जा चुकी है, आगे काम जारी है।