फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी नहीं रुक रही जिले में शराब की तस्करी

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी नहीं रुक रही जिले में शराब की तस्करी
-आए दिन पकड़े जाते हैं दर्जनों लोग अवैध शराब सहित
-यूपी, राजस्थान व गुजरात तक जाती है जिले से शराब
अनूप पाराशर
पलवल। जिले में शराब तस्करी जोरों पर चल रही है। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी शराब की तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है। लचर कानून व्यवस्था के चलते शराब तस्कर पूरी तरह से सक्रिय हैं। पुलिस आए दिन अवैध रूप से शराब की तस्करी करने के मामले में एक-एक दर्जन मुकदमे दर्ज करती है, लेकिन उसके बाद भी शराब तस्करी पर पुलिस रोक लगाने में फेल साबित हो रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुलिस जिन लोगों को आए दिन अवैध शराब के साथ गिरफ्तार करती है, वे तो मामूली गुर्गे हैं, इस धंधे को करने वाले असली लोग तो गिरफ्तार ही नहीं हो पाते हैं।
इतना ही नहीं तस्करों द्वारा जिले में कई स्थानों पर नकली शराब बनाने की फैक्ट्ररियां तक लगाई हुई हैं। हालांकि पुलिस द्वारा नकली शराब बनाने की ऐसी एक-दो फैक्ट्ररियों को पकड़ भी चुकी है। इन फैक्टरियों पर बनाई जाने वाली नकली शराब को ही तस्करों द्वारा युवाओं के माध्यम से शराब के शौकीन लोगों को उनके घर तक ही उपलब्ध करा दी जाती है। शराब के इस अवैध धंधे के कारण जहां युवाओं में शराब का प्रचलन बढ़ रहा है, वहीं सामाजिक माहौल भी खराब हो रहा है।
विज्ञापन


शराब तस्करी मामले में खड़े-खड़े हो जाती है जमानत
अवैध रूप से शराब बेचने व शराब की तस्करी करने वाले लोगों को पुलिस गिरफ्तार तो करती है, लेकिन कानूनन आरोपी अदालत में जाते ही खड़े-खड़े जमानत पर छूट जाते हैं। इतना ही नहीं कई मामलों में पुलिस द्वारा ही जमानत लेकर आरोपियों को छोड़े जाने का प्रावधान भी कानून में हैं। यही कारण है कि ये लोग छूटने के साथ ही फिर से अवैध शराब की बिक्री व सप्लाई शुरू कर देते हैं। अवैध शराब बेचने वाले बिना प्रमाणित नकली शराब लोगों को पिला उनके जीवन से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश, राजस्थान व गुजरात तक जाती है शराब
शराब तस्कर शराब को तस्करी कर यूपी के जेवर, अलीगढ़, मथुरा व राजस्थान के साथ लगते जिलों सहित गुजरात व बिहार तक शराब की ले जाते हैं। ऐसा राजस्थान व यूपी में शराब हरियाणा से महंगी है तथा सुरा प्रेमी वहां की शराब की गुणवत्ता से भी संतुष्ट नहीं है। इसके चलते हरियाणा की शराब को प्राथमिकता देते हैं। वहीं गुजरात व बिहार में शराबबंदी के चलते हरियाणा से बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी होती है। इसके अलावा शराब तस्करों द्वारा लगाए गए युवक स्कूटरों पर घर-घर जाकर लोगों को ठेकों से सस्ती दरों पर शराब उपलब्ध कराते हैं।

शनिवार को यह लोग हुए अवैध शराब सहित गिरफ्तार
शनिवार को सदर थाना पुलिस ने गांव किशोरपुर निवासी जगवीर को 34 बोतल देसी शराब, गांव बामनीखेड़ा निवासी लेखराज को 48 बोतल देसी शराब, कैंप थाना पुलिस ने राजीव नगर निवासी राजकुमार 15 बोतल देसी शराब, सय्यैदवाड़ा मौहल्ला निवासी शालू को 25 बोतल देसी शराब, चांदहट थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जेवर निवासी राजू को 75 बोतल देसी शराब सहित गिरफ्तार किया है। शहर थाना पुलिस ने किठवाड़ी मोड़ शेखपुरा से एक कार से 96 बोतल देसी शराब बरामद की है।
विज्ञापन


इस बारे में डीएसपी मुख्यालय सुरेश कुमार का कहना है कि पुलिस अपनी तरफ से शराब तस्करी पर रोक लगाने का पूरा प्रयास कर रही है। आए दिन शराब के साथ लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। यह अभियान जारी है तथा प्रयास है कि शराब तस्करी पर रोक लगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें