जाटों को आरक्षण नहीं दिया तो सीएम-मंत्रियों को गांव में घुसने नहीं देंगे
-36 बिरादरी के भाईचारे सम्मेलन पर शामिल हुए केवल जाट
अमर जाला ब्यूरो
होडल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा ने सरकार को चेतावनी दी है कि 16 अगस्त तक यदि जाटों को आरक्षण नहीं दिया गया तो हरियाणा के गांवों में मुख्यमंत्री व सरकार के मंत्रियों तथा विधायकों को घुसने नहीं दिया जाएगा। अशोक बल्हारा ने यह चेतावनी मंगलवार को गांव भिड़ूकी में समिति व जाट सेेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में शिवम वाटिका में आयोजित 36 बिरादरी के भाईचारा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस भाईचारा सम्मेलन में जाटों के अलावा किसी भी बिरादरी ने हिस्सा नहीं लिया। सम्मेलन की अध्यक्षता 52 पालों के चौधरी अरुण जेलदार ने की।
अशोक बल्हारा ने कहा कि राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए 35 व 36 बिरादरी के बीच आपसी मनमुटाव कर बांटने कोशिश की जा रही है। जाट समाज इसके पक्ष में नहीं हैं। आरक्षण की मांग को लेकर जाट समाज 2014 से संघर्षशील है। वर्ष 2015 में उच्च न्यायालय द्वारा जाट आरक्षण को समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने समाज के प्रतिनिधियों के समक्ष आरक्षण देने का वादा किया था। आरक्षण की आग में जाट समाज के 18 युवाओं सहित प्रदेश के 33 नौजवान जल गए। 25 हजार से अधिक लोगों पर 2100 मामले दर्ज किए गए तथा सैकड़ों लोगों को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि मुरथल में कोई दुष्कर्म नहीं हुआ। सरकार पांच बार एसआईटी द्वारा जांच करा चुकी है, लेकिन सारा मामला झूठा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 16 अगस्त तक जाटों को आरक्षण नहीं दिया तो मुख्यमंत्री हो या फिर सरकार के मंत्री व प्रतिनिधि किसी को भी जाटों द्वारा गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। सम्मेलन में जाटों के अलावा पूर्व मंत्री जगदीश नायर ही शामिल हुए। उन्होंने भी सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सरकार जातपात के नाम पर लोगों को लड़ाने का काम कर रही है। इस अवसर बच्चू सिंह जिला पार्षद, आजाद लठवाल, करण नंबरदार, भूपराम सरपंच, अशोक खिरबी, धर्मवीर तेवतिया ने भी अपने विचार रखे।