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स्कूलों में शौचालय नहीं, खुले में शौच को जाते हैं स्कूली बच्चे

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संभल। सरकारी स्कूलों में स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है। शौचालय हैं तो वह टूटे पड़े हैं। नए शौचालय बनाने के लिए प्रस्ताव अटके हैं। बच्चे खुले में शौच को जा रहे हैं जबकि सरकार जिले को नहीं देश को खुले में शौच मुक्त करना चाहती है। यह स्थिति तब है जब स्वच्छता अभियान और सबको शिक्षा के लिए सरकार और उसके अधिकारी लगातार सक्रियता बनाए हुए हैं।
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मिलक मऊ भूड़ के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री टूटी हुई है। हैंडपंप के आसपास गंदगी का माहौल है। इस स्थिति को प्रधानाध्यापक ने कई बार ग्राम प्रधान को अवगत कराया है पर बाउंड्री न बनी और न ही हैंडपंप के आसपास की गंदगी हटी। खामियाजा बच्चे भुगत रहे है। जब गुरुवार को सुबह10.58 बजे अचानक विद्यालय परिसर देखा गया तो 58 में कुल 26 बच्चे उपस्थित थे और कई बच्चे गंदगी के बीच ही पानी पी रहे थे।
प्राइमरी विद्यालय सैजना में 11.15 बजे अकेला शिक्षक पढ़ा रहा था क्योंकि प्रधानाध्यापक के पास दो स्कूलों का चार्ज है। अकेला शिक्षक बच्चों को संभाले या फिर व्यवस्था देखे। सहायक अध्यापक मनीष कुमार पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक संग पढ़ा रहे थे। दरवाजे को ही उन्होंने ब्लैक बोर्ड बना लिया था। यहां पर 176 में 75 बच्चे उपस्थित थे। सफाई व्यवस्था अच्छी थी।
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प्राथमिक विद्यालय लहरशीश में सरकार के स्वच्छता अभियान का कोई असर नहीं है। इस विद्यालय के बच्चे खुले में शौच को जाते हुए दिखे। विद्यालय में शौचालय की सीटें टूटी पड़ी हैं। इंचार्ज अध्यापक बिजेंद्र कुमार पाल 11.42 मिनट पर बच्चों को पढ़ाते हुए मिले। विद्यालय में दो शिक्षक थे दोनों शिक्षकों ने बताया कि शौचालय न होने से मजबूरी है।
उच्चतर प्राइमरी विद्यालय बिचपुरी में 12.08 बजे तीनों कक्षाओं को एक ही शिक्षक पढ़ा रहे थे। कुल 63 बच्चे पंजीकृत थे पर उपस्थित 23 बच्चे थे। प्रधानाध्यापक छुट्टी पर थे। शौचालय पुराना है जो जर्जर होकर टूट गया। नया बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है पर अभी तक कुछ नहीं हुआ। बच्चे या खुले में शौच जाते हैं या फिर अपने घर जाकर शौच करके आते हैं।
समय से पहले ही बंद हो गया सरकारी स्कूल
अहमदनगर पस्तोरा प्राइमरी स्कूल के सामने भैंसे बंधी थीं। स्कूल की बाउंड्री नहीं है न ही मेन गेट है। इसलिए पढ़ाई का माहौल नहीं बन पाता है। विद्यालय 1.15 बजे बंद मिला। बच्चों की छुट्टी की गई थी। गांव में कोई लग्न का कार्यक्रम था। गांव के कुछ लोग स्कूल के बाहर मिले। इन लोगों ने बताया कि गांव में दावत होने की वजह से समय से पहले छुट्टी हो गई है। स्कूल परिसर में गंदगी भरा माहौल था।
सर्दी बढ़ी पर बच्चों को स्वेटर नहीं मिले
बंजरपुरी प्राइमरी स्कूल में स्वेटर नहीं बंट सके हैं जबकि सर्दी बढ़ गई है। विद्यालय में 68 बच्चे पंजीकृत थे। जबकि 36 बच्चे मौजूद मिले। मौजूद अध्यापक आशुतोष ने बताया कि प्रधानाध्यापक रामगोपाल ही स्वेटर के बारे में बता सकेंगे। उन्होंने कहा कि सर्दी की वजह से बच्चों की गैरहाजिरी बढ़ी है।
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