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'लाल आतंक' पर शाह का प्लान: क्या है गृह मंत्री की रणनीति?, जिसके तहत मार्च 2026 तक देश हो जाएगा नक्सल मुक्त

Fri, 04 Oct 2024 08:05 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़

सार

Chhattisgarh Maoist Encounter : केंद्रीय गृहमंत्री ने 24 अगस्त की बैठक में कहा था कि नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अंतिम चरण में है। हम मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह से नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे।
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गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में शुक्रवार को सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में 40 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। वहीं अब तक 28 नक्सलियों के शव बरामद हो चुके हैं। फिलहाल पूरे इलाके में सर्चिंग जारी है। क्षेत्र में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में सभी जवान सुरक्षित हैं। सुरक्षाबलों को इस दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुए हैं।

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बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास (23 से 25 अगस्त) के दौरान नक्सल प्रभावित सात राज्यों की अंतरराज्यीय समन्वय समिति की बैठक ली थी। इसमें नक्सल सातों राज्यों के मुख्य सचिव, डीजीपी और अर्द्धसैनिक बलों के ऑफिसर शामिल हुए थे। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान और विकास कार्यों की समीक्षा की गई थी। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा था कि छ्त्तीसगढ़ में नक्सली मुख्यधारा में शामिल होने के लिए सरेंडर करें या फोर्स की कार्रवाई के लिए तैयार रहे। 

मार्च 2026 तक देश हो जाएगा नक्सल मुक्त
केंद्रीय गृहमंत्री ने 24 अगस्त की बैठक में कहा था कि नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई अंतिम चरण में है। हम मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह से नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे। अब समय आ गया है कि वामपंथी उग्रवाद की समस्या पर एक मजबूती के साथ रुथलेस रणनीति के साथ अंतिम प्रहार किया जाए। उग्रवाद हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा चैलेंज है। 

शाह ने की थी नक्सलियों से हथियार छोड़ने की अपील 
अमित शाह ने अपील करते हुए कहा था कि जो वामपंथी उग्रवाद में लिप्त या जुड़े हो, सभी युवाओं से अपील है कि भारत सरकार इस क्षेत्र के विकास, आपके विकास, आपके परिवार के विकास के लिए कटीबद्ध है। नक्सल की नई पॉलिसी को अच्छा प्रतिसाद दीजिए। हथियार छोड़िए और पीएम मोदी के नेतृत्व में जो विकास का रथ चल रहा है। एक नए युग का जो आगाज हो रहा है, उसे मजबूती दें। हम उम्मीद करते हैं कि हमने जो रास्ता अख्तियार किया है, उसके मुताबिक पूरे छत्तीसगढ़ और पूरे देश को नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कर देंगे।

ये सात राज्य बैठक में हुए थे शामिल 
बैठक में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शिरकत कर रहे हैं। 
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छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित जिले
देश के 38 जिलों में से छत्तीसगढ़ के 15 जिले नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद, नारायणपुर, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, सुकमा, कबीरधाम और मुंगेली नक्सल प्रभावित जिले हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या छत्तीसगढ़ में ही है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अमित शाह ने सरकार बनने के बाद प्रदेश की जनता से नक्सलवाद को खत्म करने का वादा किया था। 

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