इस नेक काम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में मेडिकल एजुकेशन विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू संपादित हुआ है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।
इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार और संस्था मिलकर एक ऐसा मानवीय ढांचा तैयार कर रहे हैं जहाँ परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहद किफायती ठहराव मिलेगा। इन विश्राम गृहों में केवल सिर छुपाने की जगह ही नहीं मिलेगी, बल्कि अपनों की सेवा में लगे लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इन शहरों में बनेंगे रेस्ट हाउस
गरिमा और सुविधा का भी ख्याल
इस संबंध में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज़ से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।।
इलाज दवाओं से नहीं, अपनों के साथ और सुकून से होता है: श्याम बिहारी जायसवाल