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CG: वन्यजीवों के शिकार के लिए बिछाया था करंट प्रवाहित तार, चपेट में आकर ग्रामीण की मौत; चार दिन बाद मिला शव

Sun, 11 Aug 2024 07:25 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़

सार

रायगढ़ जिले के जंगल में वन्यप्राणियों के शिकार के लिये बिछाये गए करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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झाड़ियों में मिला ग्रामीण का शव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के पूर्वांचल क्षेत्र में स्थित बलभद्रपुर गांव के जंगल में एक अधेड़ ग्रामीण सुग्रीव धनवार (60) निवासी नटवरपुर की वन्यप्राणियों के अवैध शिकार के लिये बिछाये गए करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही चक्रधर नगर पुलिस मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

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शराब पीने गया था सुग्रीव 
बताया जा रहा है कि सुग्रीव धनवार अपने भाई के साथ सात अगस्त की शाम पड़ोस के गांव भलभद्रपुर शराब पीने गया था। वहां से लौटते समय रात में वह वन्यप्राणियों के शिकार के लिये बिछाए गए करंट प्रवाहित तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद उसका भाई घर जाकर परिजनों को घटना से अवगत कराया और फिर सुबह परिजनों के साथ घटनास्थल पहुंचे, तब मौके पर उसका शव गायब था। काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका शव नहीं मिला था।

झाड़ियों में छिपाया था शव 
करंट की चपेट में आने से सुग्रीव की मौत हो जाने के बावजूद मृतक का शव घटना स्थल से गायब था। इस लिहाज से चक्रधर नगर पुलिस तीन दिनों तक मृतक की पतासाजी में जुटी हुई थी। इसी दौरान रविवार को गांव में पूछताछ करने पर पता चला कि गांव के कुछ युवकों के द्वारा अवैध तरीके से वन्यप्राणियों को शिकार किया जाता है। इस सूचना के बाद पुलिस ने दो संदेहियों को हिरासत में कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो उन्होंने मृतक के शव को जंगल के भीतर झाड़ियों में छुपाने की बात कहते हुए पुलिस को शव तक लेकर पहुंचे।
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पहले भी हो चुकी हैं इस तरह की घटना
बताया जा रहा है कि जिला मुख्यालय से लगे हुई कई गांवों में कुछ ग्रामीणों के द्वारा अवैध तरीके से वन्यप्राणियों का शिकार किया जाता रहा है। करंट की चपेट आकर इंसान की मौत होने के बाद ही इस घटना का पता चल पाता है। इससे पहले भी अवैध रूप से लगाये गए करंट से बंगुरसिया, बाध पाली, रेगड़ा, तराइ माल क्षेत्र में भी इस तरह की घटना घटित हो चुकी हैं।

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