सुकमा में पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे अभियान और सरकार की नीति का बड़ा असर देखने को मिला है। यहां दो नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। एक और जहां छत्तीसगढ़ शासन की 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति' एवं 'नियद नेल्ला नार' योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैंप स्थापित किया जा रहा है, वहीं पुलिस के बढ़ते प्रभाव से नक्सलियों के द्वारा संगठन छोड़ आत्मसमर्पण किया जा रहा है नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा एवं थाना कोंटा स्टाफ का विशेष प्रयास रहा है।
इन नक्सलियों ने किया सरेंडर
1. माड़वी जोगा पुत्र हड़मा (कोराजगुड़ा आरपीसी डीएकेएमएस उपाध्यक्ष) उम्र लगभग 33 वर्ष जाति मुरिया निवासी दंतेशपुरम (सेंसम) थाना भेजी जिला सुकमा (छ0ग0)
2. सवलम पुल्ला पिता किट्टा उम्र 24 (ग्राम पालागुड़ा डीएकेएमएस सदस्य) वर्ष जाति दोरला निवासी पालागुड़ा मेट्टागुड़ापारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर
नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल आसूचना शाखा की टीम व थाना स्टाफ कोंटा का विशेष योगदान रहा। दोनों आत्मसमर्पित नक्सली प्रतिबंधित नक्सल में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों में स्पाईक/आईईडी लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर अवरुद्ध करना, शासन-प्रशासन के खिलाफ नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाना आदि घटनाओं में शामिल रहे बहैं। उक्त दोनों आत्मसमर्पित नक्सलियों को 'छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति' के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदान कराये जायेंगे।