रामानुजगंज के विधायक और सरगुजा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पति सिंह ने सोमवार को केंद्रीय सहकारी बैंक पहुंचकर बैंक के कर्मचारियों की पिटाई कर दी। सैकड़ों की संख्या में किसानों की मौजूदगी में बैंक कर्मियों को पीटे जाने का मामला बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। घटना से आक्रोशित केंद्रीय सहकारी बैंक कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम आईजी सरगुजा को ज्ञापन सौंप पांच अप्रैल से छह अप्रैल तक सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की है। इसके बाद भी विधायक पर कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने अनिश्चितकालीन अवकाश पर जाने की चेतावनी दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, तीन अप्रैल सोमवार को बृहस्पति सिंह सहकारी बैंक की रामानुजगंज शाखा पहुंचे। उन्होंने एक किसान की शिकायत पर बैंक के लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह को बैंक के बाहर बुलाया और सैकड़ों की संख्या में किसानों की
मौजूदगी में लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह को एक के बाद एक कई थप्पड़ रसीद कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
मामले की जानकारी मिलने पर सहकारी बैंक के कर्मचारी आक्रोशित हो गए। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ अंबिकापुर ने पीड़ित कर्मियों को अंबिकापुर बुलाया एवं पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर मुख्यमंत्री के नाम सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संघ ने आरोप लगाया है कि विधायक बृहस्पति सिंह ने सैकड़ों किसानों की मौजूदगी में बैंक के लिपिक राजेश पाल एवं भृत्य अरविंद सिंह से बेवजह गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। घटना के बाद कर्मचारी बैंकों में काम करने में असमर्थ हैं।
पांच एवं छह अप्रैल को सहकारी बैंक के सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। यदि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बैंक कर्मियों को सुरक्षा प्रदान नहीं करती है और विधायक वृहस्पति सिंह पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो बैंककर्मी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के अध्यक्ष आरके खरे, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह परिहार, विजय यादव, सचिव संजय सोनी सहित अरविंद पांडेय, राजकुमार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भाजपा ने बताया शर्मनाक
कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह द्वारा बैंक कर्माचारी को मारने की घटना को लेकर भाजपा प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस विधायक हताशा में आ चुके हैं। वे न तो जनता के सवालों के जवाब दे पा रहे हैं औ न ही कोई काम करवा पा रहे हैं। जनता के साथ मारपीट करने वाले विधायक को तुरंत पद मुक्त किया जाए। इस घटना ने छत्तीसगढ़ को शर्मसार किया है।