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Sukma: 21 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद खुला राम मंदिर, नक्सलियों की धमकी के बाद किया गया था बंद

Wed, 10 Apr 2024 09:22 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा

सार

गांव के लोग मांस-मदिरा का सेवन नहीं करते थे, जिसकी वजह से नक्सली नाराज हो गए और उन्होंने मंदिर को बंद करा दिया। राम मंदिर को सोमवार को सीआरपीएफ ने खुलवाया है।
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राम मंदिर में पूजा करते सीआरपीएफ के जवान और ग्रामीण - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सुकमा के एक गांव में बने प्रभु राम के मंदिर को 21 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद खोला गया है। नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले सुकमा के लखापाल और केरलापेंदा गांव के बीच जंगल में 1970 में बने मंदिर को नक्सलियों ने 2003 में बंद करा दिया था। 

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दोनों गांव के लोग मांस-मदिरा का सेवन नहीं करते थे, जिसकी वजह से नक्सली नाराज हो गए और उन्होंने मंदिर को बंद करा दिया। राम मंदिर को सोमवार को सीआरपीएफ ने खुलवाया है। मंदिर में प्रभु राम, माता सीता व लक्ष्मण की संगमरमर की मूर्तियां हैं। लखापाल में सीआरपीएफ ने कैंप खोला था। इस दौरान जवानों ने मंदिर के बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि यह ऐतिहासिक मंदिर है, यहां मेला भी लगता था। लेकिन, नक्सलियों ने इसे बंद करा दिया।

मरम्मत के बाद मंदिर ग्रामीणों को सौंपा
सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के कैंप कमांडर हिमांशु पांडे ने बताया कि गांव में सीआरपीएफ कैंप लगने से ग्रामीण काफी उत्साहित हैं। खासतौर पर मंदिर फिर से खुलने से बहुत खुश हैं। मंदिर की मरम्मत करने के बाद इसे ग्रामीणों को सौंप दिया गया है। यहां फिर से वही परिवार पूजा करने लगा है, जो पहले करता था।

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