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Lok Sabha Elections 2024: बीजेपी ने निभाया वादा, चिंतामणि महाराज को दिया टिकट, सरगुजा से मैदान में उतारा

Sat, 02 Mar 2024 08:26 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छ्त्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के पूर्व सामरी विधायक चिंतामणि महाराज को बीजेपी ने सरगुजा से सांसद का टिकट दिया है। अब वो सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी प्रत्याशी बन गए हैं।
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चिंतामणि महाराज और ओम माथुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छ्त्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के पूर्व सामरी विधायक चिंतामणि महाराज को बीजेपी ने सरगुजा से सांसद का टिकट दिया है। अब वो सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी प्रत्याशी बन गए हैं। विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान बीजेपी की ओर से सरगुजा से सांसद का टिकट मिलने के आश्वासन पर ही महाराज ने भाजपा  का दामन थामा था और आज बीजेपी ने अपने इसी वादे को पूरा कर उन्हें सांसदी का टिकट दिया है। विधानसभा चुनाव के समय बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने अंबिकापुर के राजमोहिनी भवन में आयोजित भाजपा के परिवर्तन महासंकल्प रैली में उन्हें माला पहनाकर भाजपा में घर वापसी कराया था। 

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उस समय बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल हेलीकाप्टर से कुसमी और श्रीकोट पहुंचे थे। चिंतामणी महाराज ने भाजपा में शामिल होने के लिए अंबिकापुर से सांसद प्रत्याशी बनाए जाने की शर्त रखी थी। उन्होंने खुद खुलासा किया था कि बीजेपी उन्हें सांसद का टिकट देने तैयार हैं और आज हुआ भी ऐसी ही। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर महाराज बागी हो गए थे और भाजपा में प्रवेश कर लिए। कांग्रेस ने सामरी से उनका टिकट काटकर विजय पैकरा को प्रत्याशी बनाया था। इस वजह से वो नाराज चल रहे थे। विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस के पूर्व सामरी विधायक चिंतामणि महाराज ने सरगुजा संभाग में कांग्रेस की 6 से 7 सीटों को प्रभावित किया था। 

 

टीएस सिंहदेव से हुई थी बातचीत

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टिकट कटने से नाराज होने की खबरों के बीच चिंतामणी महाराज की डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि वो चाहते हैं कि महाराज कांग्रेस में ही रहें तो बेहतर है। पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है पर महाराज नहीं माने और बीजेपी में प्रवेश कर लिए।

'मैं भाजपा प्रवेश नहीं, घर वापसी कर रहा हूं'
भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश संगठन प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की उपस्थिति में चिंतामणी महाराज ने कहा कि वो बीजेपी में प्रवेश नहीं कर रहे हैं बल्कि घर वापसी कर रहे हैं। इस दौरान ओम माथुर ने कहा कि संत गहरा गुरु को साक्षी मानकर ये कहता हूं कि पार्टी में उनके सम्मान में कोई कमी नहीं होगी। उनके आने से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं।



बीजेपी से कांग्रेस में आए थे, फिर घर वापसी
चिंतामणि महाराज लगभग 11 साल पहले बीजेपी में थे। भाजपा से उपेक्षित के आरोप पर उन्होंने 2008 में सामरी विधानसभा से ही निर्दलीय चुनाव लड़ा था पर हार गए थे। इसके बाद बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। साल 2013 में उन्हें कांग्रेस ने लुंड्रा से टिकट दिया था और वे विधायक बने। 2018 में दोबारा चिंतामणि महाराज को कांग्रेस ने सामरी से प्रत्याशी बनाया और वे दूसरी बार विधायक बने। अब बीजेपी के टिकट पर सरगुजा से सांसदी का चुनाव लड़ेंगे।

कौन हैं चिंतामणि महाराज?
चिंतामणी महाराज छत्तीसगढ़ के संत गहिरा गुरु के बेटे हैं। सरगुजा संभाग में संत समाज के अनुयायी अंबिकापुर, लुंड्रा, सामरी, पत्थलगांव, जशपुर, कुनकुरी और  बिलासपुर के रायगढ़, विधानसभा क्षेत्रों में हैं। प्रदेश भर में उनके समाज के अनुयायी हैं। सरगुजा संभाग की 6 सीटों पर उनका सीधा प्रभाव रहता है। 
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'अगर बीजेपी टिकट दे दे, तो मैं डिप्टी सीएम सिंहदेव के खिलाफ भी लड़ जाऊंगा चुनाव'
चिंतामणि महाराज ने विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान कहा था कि अगर बीजेपी उन्हें अंबिकापुर से टिकट दे दे, तो वो डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के खिलाफ भी लड़ जाएंगे।

चिंतामणि महाराज का सियासी सफर

  • रमन सरकार के पहले कार्यकाल में चिंतामणि 2004 से 2008 तक राज्य संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष रहे। 
  • वर्ष 2008 में बलरामपुर जिले के सामरी विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़े पर जीत नहीं पाए।
  • साल 2013 में फिर से कांग्रेस के टिकट पर सामरी विधानसभा से चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने।
  • साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने दोबारा उन पर भरोसा जताया।
  • उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी सिद्धनाथ पैकरा को हराकर दूसरी बार विधायक बने।
  • उन्हें कुल 180,620 वोट मिले थे। वहीं बीजेपी प्रत्याशी सिद्धनाथ पैकरा को 58697 वोट मिले थे।
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