ट्रांसजेंडर आरक्षक समेत 12 पुलिसकर्मी बने कॉप ऑफ द मंथ
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रायपुर एसएसपी संतोष सिंह ने पुलिसिंग के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे अधिकारी और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर माह 'कॉप ऑफ द मंथ' पुरस्कार देने की शुरुआत की है। माह के भीतर जो भी अधिकारी और कर्मचारी अच्छे काम करते हैं, उसे कॉप ऑफ द मंथ अवॉर्ड से नवाजा जाता है।
इन्हें मिला कॉप ऑफ द मंथ
इसी क्रम में निरीक्षक सचिन सिंह थाना प्रभारी मंदिर हसौद के की ओर से चुनाव आचार संहिता के दौरान कैश, शराब और ड्रग्स आदि की धरपकड़ में प्रभावी कार्रवाई की है। प्रधान आरक्षक सत्यवान भगत यातायात के द्वारा बीट क्षेत्र में लगन और मेहनत से यातायात संचालित करने का काम, आरक्षक टीकम साहू कार्यालय सीएसपी विधानसभा के द्वारा सौपे गये कामों को सुचारू रूप से संपादन करने का कार्य, आरक्षक दिलीप जांगड़े एसीसीयू द्वारा पांच अलग-अलग सोने की चेन लूट के आरोपियों को पकड़ने में योगदान, सउनि सैय्यद इरफान और आरक्षक मुनीर रजा एसीसीयू द्वारा देश भर में नकली सोना को गिरवी रखकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग को पकड़ने का कम किया है। उपनिरीक्षक सुनील वर्मा और प्रधान आरक्षक भुनेषश्वर साहू को थाना विधानसभा की ओर से आमासिवनी में पुलिसकर्मी की पत्नि जॉली के हत्याकांड के आरोपियों की पतासाजी के सराहनीय काम किए थे
आरक्षक नितेष सिंह राजपूत एसीसीयू द्वारा 601 नग गुम और चोरी की मोबाइल की बरामद किए थे। आरक्षक खिलेष्वर साहू थाना मंदिर हसौद द्वारा ऑनलाइन फ्राड की शिकायत पर रकम वापसी और मोबाइल वापसी संबंधी सराहनीय काम, ट्रांसजेंडर आरक्षक शंकर यादव थाना टिकरापारा द्वारा थाने के सौंपे गये कामों को अत्यंत ही लगन व मेहनत किया गया, आरक्षक केशव सिन्हा एसीसीयू द्वारा निजात अभियान के तहत बड़ी संख्या में नशीले टेबलेट और गांजा आदि के धरपकड़ में प्रभावी किए थे। इन सभी को रायपुर एसएसपी संतोष सिंह ने कॉप ऑफ द मंथ सम्मान से एसपी कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सीएसपी अमन झा सहित अन्य कार्यालयीन अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
एक का सेवा बर्खास्त, तीन निलंबित
चुने गए कर्मचारियों को नगद इनाम, गुड सर्विस एंट्री और प्रशंसापत्र के साथ ही उनका फोटो समस्त पुलिस कार्यालयों और जिले के सभी थाना चौकी के नोटिस बोर्ड पर पूरे माह के लिए लगा रहेगा। इससे दूसरे पुलिसकर्मी भी अच्छा काम के लिए प्रोत्साहित होंगे। इसके साथ ही मार्च माह में एक को सेवा से पृथक और तीन को निलंबित किया गया। महिला आरक्षक ज्योति ठाकुर रक्षित केन्द्र को पिछले तीन साल से कर्तव्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर सेवा से बर्खास्त किया गया। दो आरक्षकों को अभिरक्षा से बंदी के फरार हो जाने पर और एक आरक्षक को ड्यूटी के दौरान शराब पी रेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर हो-हल्ला करने पर निलंबित किया गया है।