रायपुर नगर निगम ने कुछ एनजीओ के साथ मिलकर शहर के बीमार और आवारा आक्रामक कुत्तों का इलाज कराने और देखभाल करने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ सामाजिक संगठन और डॉग लवर्स भी सामने आयें हैं।
रायपुर नगर निगम ने कुछ एनजीओ के साथ मिलकर शहर के बीमार और आवारा आक्रामक कुत्तों का इलाज कराने और देखभाल करने की योजना बनाई है। इसके लिए कुछ सामाजिक संगठन और डॉग लवर्स भी सामने आयें हैं। लोगों के समर्थन को देखते हुए नगर निगम ने डॉग शेल्टर बनाने का फैसला किया है, जिसका काम भी शुरू हो गया है। जो कि सोनडोंगरी हीरापुर डॉग शेल्टर होम का निर्माण तेजी से जारी है। इस सेल्टर के बन जाने से शहर में आवारा कुत्तो की संख्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा इसके साथ ही डॉग बाइट्स की घटनाओं और उनसे होने वाली जन-धन हानि को भी कम किया जा सकेगा।
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इसके लिए रायपुर नगर निगम दो चरणों में करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करेंगे। शुरुआत में 48 लाख 50 हज़ार रुपए से बाउंड्री और शेड का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही यहां पर रखे जाने वाले कुत्तों का इलाज के साथ नशबंदी और अन्य सुविधाएँ विकसित की जायेंगी। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आज सोन डोंगरी वार्ड क्रमांक -2 पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड में 6500 वर्ग फिट के क्षेत्रफल में निर्माणाधिन डॉग सेल्टर का निरीक्षण किया।
कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि डॉग शेल्टर का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जायेगा। डॉग सेल्टर में सुविधाएं नगर निगम विकसित करेगा और कुत्तो की देखभाल, उनके लिए भोजन इत्यादि की व्यवस्था निजी स्वयं सेवी संगठन और डॉग लवर्स करेंगे। नगर निगम शेल्टर में वेटनरी अस्पताल जैसी सुविधाएँ भी विकसित करेगा और सेल्टर में वेटनरी डाक्टर्स यहीं उपलब्ध रहेंगे। बीमार, आवारा आक्रामक कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में लाया जाएगा। यहां उनका इलाज किया जाएगा। नियमित रूप से नसबंदी भी होगी। इस तरह शहर में कुत्तों का आतंक कम करने के लिए निगम और निजी संगठन मिलकर काम करेंगे।