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गिरफ्त में जामताड़ा के ठग: बैंकों की फर्जी वेबसाइट बनाकर जाल में फंसाते, फिर लिंक भेज खाते से निकाल लेते रुपये

Thu, 06 Apr 2023 06:05 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायगढ़

सार

वेबसाइट पर आने वाले कस्टमर को कॉल कर उन्हें डराते थे कि क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड, एटीएम सस्पेंड होने वाला है उसे अपडेट करें। जैसे ही कस्टमर इनके झांसे में आता था और उन्हें बैंक खातों की जानकारी मिल जाती थी। 
 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले ठग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने बैंकों की फर्जी वेबसाइट बना रखी थी। उसके जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। फिर मोबाइल पर लिंक भेजकर प्रोसेस करने के लिए कहते और खाते से रुपये निकाल लेते। पुलिस ने इन आरोपियों को झारखंड के जामताड़ा से पकड़ा है। मामला कोतवाली क्षेत्र का है। 

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पुलिस ने बताया कि, कोतरा रोड विकास नगर निवासी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके क्रेडिट कार्ड से 5 जून 2022 को 50-50 हजार के तीन ट्रांजेक्शन कर खाते से रुपये निकाल लिए गए। इस पर पुलिस ने जांच शुरू की और झारखंड के जामताड़ा तक जा पहुंची। वहां से पुलिस ने राजेश मंडल, दुर्योधन मंडल, रुक्षा जागत सुढी (मंडल), सुरेश मंडल और निसार अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। 

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि, उन्होंने प्रमुख बैंक जैसे- एचडीएफसी, एसबीआई, आईडीबीआई आदि की डमी वेबसाइट बनाई थी। जिसके जरिए कस्टमर केयर सेंटर चला रहे थे। वेबसाइट पर आने वाले कस्टमर को कॉल कर उन्हें डराते थे कि क्रेडिट कार्ड-डेबिट कार्ड, एटीएम सस्पेंड होने वाला है उसे अपडेट करें। जैसे ही कस्टमर इनके झांसे में आता था और उन्हें बैंक खातों की जानकारी मिल जाती थी। 
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कस्टमर को व्हॉट्ससएप और टैक्सट मैसेज आरोपी भेजते। उसमें बैंक के डमी साइट से लिंक सेंड करते और कस्टमर से आईडी पासवर्ड से पेज लॉगिन कराकर एक ऑनलाइन फार्म भरवाते थे। कस्टमर फार्म भरने के बाद जमा करत देता तो उनके खाते की पूरी जानकारी आरोपियों को मिल जाती। फिर से कस्टमर के बैंक अकाउंट में लॉगिन कर सारे रुपए विभिन्न यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कर लेते थे। 

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