ओडिसा के झारसुगडा जिले में स्थित पत्थर सैनी मंदिर में मन्नत पूरी होने के बाद एक ही नाव में सवार होकर बकरा लेकर 70 लोग गए हुए थे। इसमें से कोतरलिया से 14 लोग एवं खरसिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अंजोरीपाली के 50 लोग नाव में सवार थे। मंदिर से वापसी के दौरान यह घटना घटित हुई।
रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल एवं सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव घटनास्थल के लिए रवाना हो गये हैं। घटनास्थल पर झारसुगुड़ा जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौजूद हैं और राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
इस संबंध में अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के खरसिया ब्लॉक के निवासी उड़ीसा के पथरसेनी में मंदिर दर्शन के लिए गये थे। महानदी तट से वे लकड़ी की नाव (डोंगा) में सवार होकर मंदिर तक पहुंचे और दर्शन के बाद वापस लौटते समय यह दुखद घटना घटित हुई। इसकी जानकारी मिलने पर झारसुगुड़ा जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रायगढ़ से भी टीम भेजी गई है। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल भी मौके लिए रवाना हो गये है।
छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर शोक जताया है। सीएम साय ने लिखा, ओडिसा के झारसुगड़ा जिले के शरदा गांव के पास पत्थर सेनी मंदिर स्थित महानदी में नाव डूबने से एक व्यक्ति के निधन की दुःखद सूचना प्राप्त हो रही है। जबकि 45 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है। छह अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। झारसुगड़ा प्रशासन और रायगढ़ जिला प्रशासन के बीच सामंजस्य स्थापित हो चुका है। रायगढ़ जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। घटनास्थल पर बस की व्वस्था कर रेस्क्यू से बचाए गए लोगों को वापस खरसिया स्थित अंजोरपाली एवं अन्य गांवों में लाने की व्यवस्था कर दी गई है। मैं ईश्वर से दिवंगत के शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।'
इस संबंध में रायगढ़ कलेक्टर कातिकेय गोयल ने शुक्रवार की रात मौके पर पहुंचकर बताया कि मौके पर झारसुगड़ा जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। यहां के कलेक्टर, एसपी व आईजी साहब सभी मुस्तैद हैं। ओडीआरएफ अभी भी गोताखोरी कर रहे हैं और भुवनेश्वर से भी एक टीम आने की खबर मिल रही है। इस हादसे में जो बचाये गए हैं, उनकी संख्या 48 से 49 के बीच है, जिनसे मिलकर आये हैं। उन्हें खाना खिलाने के बाद हम उन्हें वापस उनके गांव भेज देंगे। अभी एक महिला का शव बरामद हुआ है, जो कि लगभग 35 साल की है। सात अन्य लोग अभी भी लापता हैं। उसमें से चार महिलाएं एवं तीन बच्चे शामिल हैं।
अब तक छह शव बरामद
शनिवार की सुबह छह बजे से नाव दुर्घटना में लापता लोगों की तलाश के लिए महानदी में रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जिसके तहत गोताखोरों के साथ भुवनेश्वर से पहुंचे। स्कूबा डाइवर्स की टीम खोजबीन में जुटी। इस बीच सुबह सवा आठ बजे एक पीकू राठिया उम्र सात वर्ष, निवासी अंजोरीपाली का शव मिला और बाद में एक महिला राधिका राठिया 27 साल एवं राधिका के बेटे नवीन राठिया सात साल का भी शव मिला। वहीं एक और महिला तेरसबाई राठिया, लक्ष्मीन राठिया और बालक कुणाल राठिया का भी शव गोताखोरों की टीम ने ढूंढ निकाला है। कुल मिलाकर आज सुबह छह लोगों के शव निकाले जा चुके हैं।
चार महिला और तीन बच्चे लापता
रायगढ़ कलेक्टर कातिकेय गोयल ने शुक्रवार की रात मौके पर पहुंचकर बताया कि मौके पर झारसुगडा जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। यहां के कलेक्टर, एसपी व आईजी साहब सभी मुस्तैद हैं। ओडीआरएफ अभी भी गोताखोरी कर रहे हैं और भुवनेश्वर से भी एक टीम आने की खबर मिल रही है। इस हादसे में जो बचाये गए हैं। उनकी संख्या 48 से 49 के बीच है। जिनसे हम मिलकर आयें हैं। उन्हें खाना खिलाने के बाद हम उन्हें वापस उनके गांव भेज देंगे। एक महिला का शव बरामद हुआ है, जो कि लगभग 35 साल की है। सात अन्य लोग अभी भी लापता हैं। उसमें से चार महिलाएं एवं 3 बच्चे शामिल है।