आचार संहिता में सख्ती और चुनावों में धन के प्रवाह को रोकने के साथ ही चुनाव आयोग ने मतदाताओं को जोड़ने के लिए स्वीप (Sveep- Systematic Voter`s Education & Electoral Participation) नाम से एक कार्यक्रम भी चला रखा है।
मगर राजनांदगांव में इसे अनूठे ढंग से किया जा रहा है और जिसे एक नया नाम भी मिल गया है- प्रतिज्ञा।
दरअसल इसके पीछे 2009 बैच की युवा आईएएस डॉ प्रियंका शुक्ला की सोच और रचनात्मकता जुड़ी हुई है। वह कहती हैं, 'यों गुजरात और कई राज्यों में स्वीप के तहत काफी काम हुए हैं, लेकिन हमने सोचा कि क्यों न इसे कुछ स्थानीय रंग दे दिया जाए।
हमने यहां इस पूरे अभियान को ही प्रतिज्ञा नाम दे दिया और इसका मतलब है ( People in Rajnandgaon Affirmatively Take Initiative to Generate Youth Electoral Awwarning)। असल में इस अभियान के अंग्रेजी के पहले अक्षरों को मिलाकर ही प्रतिज्ञा बना है।'
मतदान की दिला रहे प्रतिज्ञा
उन्होंने खुद और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे जिले में अलग-अलग जगहों पर जाकर लोगों को मतदान करने की प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रेरित किया है। इसके साथ ही बकायदा फेसबुक पेज भी बना दिया गया है, जिसके जरिये वे खासतौर से युवाओं को जोड़ रहे हैं।
प्रियंका कहती हैं, 'इस बार राजनांदगांव जिले की छह विधानसभा सीटों पर दो लाख नए मतदाता जुड़े हैं, जिन्हें पहली बार वोट डालना है। हमने पाया कि अकेले राजनांदगांव शहर के ही 20,000 लोग फेसबुक से सीधे जुड़े हुए हैं।
संभव है कि यह संख्या इससे भी अधिक हो क्योंकि कई ऐसे लोग हो सकते हैं जिन्होंने अपनी पहचान राजनांदगांव से न जोड़ रखी हो। हमने अगस्त में फेसबुक पेज लांच किया था और अब तक इससे साढ़े पांच हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं।'
उनके मुताबिक स्वीप के तहत पूरे देश में चलने वाले सोशल नेटवर्किंग साइट पर किसी भी जिले में यह सबसे बड़ी संख्या है। मगर सवाल है कि एक ऐसे क्षेत्र में जहां की अधिसंख्यक आबादी ग्रामीण है, जहां शहर से बीस किमी के बाद बीएसएनएल और एकाध मोबाइल ऑपरेटर को छोड़ दिया जाए तो किसी और कंपनियों के मोबाइल और डाटा कार्ड को सिग्नल नहीं मिलते, यह पहल कितनी कारगर हो पाएगी?
शेर और स्लोगन का भी इस्तेमाल
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में आईं प्रियंका, व्यवस्था की इस बीमारी की नब्ज पकड़ती हैं और बताती हैं कि यह तो इस पहल का सिर्फ एक हिस्सा है।
इसके अलावा 'प्रतिज्ञा' के तहत लगातार मानपुर सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में खास प्रयास किए गए हैं और लगातार वहां 'प्रतिज्ञा' वाहन जाकर लोगों को जागरुक कर रहे हैं।
उनकी प्रचार सामग्री में मशहूर शायर दुष्यंत के शेर से लेकर एक मोबाइल ऑपरेटर कंपनी के चर्चित विज्ञापन की तर्ज पर बनाए गए जुमले, 'क्योंकि हर एक वोट जरूरी होता है', पर आधारित पोस्टर तक शामिल हैं।
यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या प्रतिज्ञा की पहल से जिले में पिछली बार के 76 फीसदी से अधिक मतदान हो पाएगा।