सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के मुनुंद गांव में रहने वाले बैगा बाबूलाल यादव की पारसमणि पत्थर के लिए अपने साथ ले गए थे। आरोपियों ने बलौदा के कटरा जंगल में ले जाकर बंधक बनाकर हत्या कर दी थी। मामले में 10 आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, एक आरोपी सतीश कुमार केसकर फरार था, जिसे 19 माह बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
दरअसल, मृतक बैगा बाबूलाल यादव की पत्नी रामवती यादव ने सिटी कोतवाली में नौ जुलाई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उसके पति बाबूलाल यादव को झाड़-फूंक के लिए कुछ लोग आठ जुलाई को लेने आए थे। इसके बाद से वह घर नही पहुंचे। उसी रात करीब 12 बजे अज्ञात लोग आए और हाथ-मुंह को बांधकर बंधक बना लिया था। घर के अंदर रखे 23 हजार रुपये और सोने के जेवर, दो जोड़ी चांदी की बिछिया चुरा ले गए थे। वहीं, रामवती यादव ने अपने पति बाबूलाल यादव की गुम होना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद एसपी विजय अग्रवाल ने बैगा की खोजबीन के निर्देश दिए। पुलिस जांच पड़ताल में संदेही टेकचंद जायसवाल और राजेश हरवंश को पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बैगा के पास पारसमणि होने की जानकारी मिलने पर उसे हासिल करने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर प्लानिंग की। बाबूलाल के घर पहुंचे और झाड़-फूंक से इलाज कराने के नाम पर उसे अपने साथ ले गये।
इस दौरान बलौदा के कटरा के जंगल में बाबूलाल से पारसमणि पत्थर के बारे में पूछने लगे। बैगा बाबूलाल यादव के द्वारा नहीं बताने पर जगंल में ही बंधक बनाकर रखा था। इसके बाद सभी साथी मिलकर बैगा के घर मुनुंद पहुंचे और उसकी पत्नी के हाथ-पैर बांधकर घर में सभी जगह खुदाई की, लेकिन पारसमणि पत्थर नहीं मिला। फिर वापस जंगल पहुंचे और बैगा की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को जंगल में ही दफना दिया और सभी अपने-अपने घर चले गये।