अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ के जवान नितेश एक्का के पार्थिव देह को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गांव में दफनाया गया। अंतिम विदाई में आईजी अंकित गर्ग,एएसपी अमित सोनी ने कांधा दिया।
अबूझमाड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए एसटीएफ के जवान नितेश एक्का के पार्थिव देह को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गांव में दफनाया गया। अंतिम विदाई में आईजी अंकित गर्ग,एएसपी अमित सोनी ने कांधा दिया। इससे पहले शहीद जवान का पार्थिव देह सेना के हेलीकॉप्टर से जशपुर हेलीपैड लाया गया। यहां से लोगों ने नगर में शहीद शौर्य यात्रा निकाली।
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हम आपको बता दें कि नितेश एक्का का जन्म 28 फरवरी 1997 को जशपुर जिले के पोरतेंगा गांव में हेलारियूस एक्का के घर हुआ।पिता की एक वर्ष पहले 23 जून 2023 को बीमारी से मृत्यु हुई।माता नीलिमा एक्का और बड़े भाई अशोक एक्का को इस घटना ने सदमे में डाल दिया है।
बड़े भाई अशोक ने अमर उजाला को बताया कि मेरे शहीद भाई के प्रेरणास्रोत बालोद एसपी चाचा सुरजन राम भगत रहे हैं। नितेश को हथियार के साथ वर्दी पहनने का शौक था। जिसे पूरा करने के लिए वह सेना में भर्ती होने गया लेकिन ऊंचाई कम होने के कारण सेना में भर्ती नहीं हो सका। 2017 में छत्तीसगढ़ की सुरक्षा बल में भर्ती होकर एसटीएफ में 28/11/2020 से नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात हुआ।15 जून 2024 को अबूझमाड़ में पुलिस -नक्सली मुठभेड़ में सिर में गोली लगने से शहीद हो गया।बड़े भाई अशोक इसे वर्दी का सफल होना कहते हुए भावुक हो गए।
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वहीं आईजी सरगुजा अंकित गर्ग ने अपने श्रद्धांजलि सन्देश में कहा कि नितेश एक्का राष्ट्र के दुश्मनों ने बड़ी वीरता से लड़ा और देश के काम आया।यह गर्व की बात है और इस घर का बेटा चला गया तो दुख भी है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से नक्सलियों का दंश झेल रहा है लेकिन अब नक्सलवाद अंतिम चरण में है।हमारा लक्ष्य है नक्सलवाद का समूल नाश करना।नक्सलियों का अंत करना ही शहीद नितेश एक्का को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर बालोद एसपी ने भी श्रद्धांजलि सन्देश दिया। शहीद नितेश एक्का को अंतिम विदाई देने पूरा इलाका उमड़ पड़ा और शहीद जवान अमर रहें के नारे आसमान में गूंजते रहे।