छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें कहा गया है कि परिवर्तन यात्रा का रूट अंतिम समय में बदल दिया गया था।
अंतिम समय में परिवर्तन यात्रा का मार्ग बदले जाने संबंधी स्थानीय मीडिया की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा कि रैली का रास्ता नहीं बदला गया था।
विधायक टीएस सिंहदेव रूट शिड्यूल के इंचार्ज थे और उन्होंने सुरक्षा मंजूरी के लिए वही रूट चार्ज तीन बार जमा किया था। काफिला अपने पूर्व निर्धारित मार्ग पर ही बढ़ रहा था। यह सुरक्षा चूक का मामला है।
हमले के वक्त नंद कुमार पटेल के साथ मौजूद दांतेवाडा के विधायक कवासी लखमा का भी कहना है कि रूट मार्ग में बदलाव नहीं किया गया था।
उन्होंने बताया कि योजना के अनुसार, हम वाया टोंगपाल से दरभा क्षेत्र में केशलूर की ओर बढ़ रहे थे। मैं एसयूवी गाड़ी में नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश के साथ था। हम सुरक्षा इंतजाम के बारे में ही बात कर रहे थे।
मैंने उन्हें बताया कि दरभा रूट पर सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पुलिस को लिखित में दे चुके हैं लेकिन वहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।
शनिवार को दक्षिण बस्तर इलाके में नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में
प्रदेश कांग्रेस के कई नेता मारे गए और अन्य कई घायल हो गए।
नक्सलियों ने सुकमा से जगदालपुर लौट रही परिवर्तन यात्रा में शामिल कांग्रेस के काफिले पर दरभा इलाके की जयराम घाटी में हमला किया।
इस
हमले में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रमुख नंदकुमार पटेल, वरिष्ठ पार्टी
नेता महेंद्र कर्मा समेत 37 लोग मारे गए और 37 अन्य घायल हो गए। घायलों में
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ला भी
शामिल हैं।