छत्तीसगढ़ में साल 1929 से 1945 तक के मिसल के रिकॉर्ड मिलना अब आसान हो गया है। प्रदेश में मिसल बंदोबस्त के रिकार्ड को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब लोगों को पटवारी और तहसीदार ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। किसान अपने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन मिसल निकाल सकते हैं। इसके साथ ही उसे पीडीएफ बनाकर रख सकते हैं या फिर प्रिंट भी निकलवा सकते हैं। इसके लिए मिसल बंदोबस्त ऑनलाइन पोर्टल शुरू हो गया है।
प्रदेश में लोग जमीन से जुड़ी जानकारी अपने मोबाइल पर देख सकते हैं। रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने बताया कि लोगों को पुराने मिसल की जरूरतों होती है। साल 1929-1945 के पुराने रिकार्ड की जरूरत पड़ती है। इसके लिए लोगों को अधिकारियों के दफ्तर की चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अब यह रिकार्ड ऑनलाइन पोर्टल पर मिल जाएगा।
मोबाइल से देखें मिसल रिकॉर्ड
मिसल बंदोबस्त रिकार्ड पोर्टल का लिंक https:/revenue.cg.nic.in/missal/ है। इसमें लिंक के माध्यम से रिकार्ड खोजना आसान हो गया है। किसान अपने नाम से या ग्राम पंचायत के नाम से रिकार्ड खोज सकते हैं। इसके लिए किसी भी कंप्यूटर दुकान में जाने की जरूरत नहीं है और न ही पटवारी और तहसीलदार की दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। किसान सीधा मोबाइल के माध्यम से रिकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। मिसल बंदोबस्त रिकार्ड ऑनलाइन देखने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https:/revenue.cg.nic.in/missal/ पर जाना होगा। इसके बाद किसान मोबाइल पर एक क्लिक कर 1929 से 1945 तक के रिकार्ड को जान सकते हैं।
ऐसे करे अप्लाई
मिसल बंदोबस्त रिकार्ड ऑनलाइन वेबसाइट पर जाकर होम पेज पूछे सवालों की जानकारियों जैसे- जिला, तहसील, राजस्व नंबर, पहनं और गांव का चयन करना पड़ेगा। जानकारी साझा करने के बाद खोजें पर क्लिक करना होगा। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन पर रिकार्ड खोने लगती है। लाभार्थी लिस्ट को डाउनलोड भी कर सकते हैं और प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।