छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 11वीं क्लास की छात्रा से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वाले शिव भारती को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। शिव भारती ने रेप के बाद छात्रा का गला घोंट दिया था। इसके बाद शव को बाइक से ले जाकर पैरावट में जला दिया। हालांकि ग्रामीणों और परिजनों ने अधजली हालत में शव बरामद कर लिया था। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी कामता प्रसाद को संदेह का लाभ देते हुए कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। मामले की सुनवाई दुर्ग की जस्टिस सरिता दास की कोर्ट में हुई।
नए घर में मवेशी बांधने गई थी छात्रा
दरअसल, पूरा मामला उतई क्षेत्र के मचांदुर में करीब 4 साल पुराना है। 11वीं में पढ़ने वाली 17 साल की छात्रा 2 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अपने पुराने घर से नए घर मवेशी मांधने के लिए गई थी। लोक अभियोजक राजेश साहू के मुताबिक, वहां शिव भारती पहले से ही नाबालिग का इंतजार कर रहा था। छात्रा जैसे ही घर में गई शिव भी पीछे से घुस गया। वहां उसने छात्रा से दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर शिव ने छात्रा का गला घोंट दिया। इसके बाद शव को कंधे पर रखकर अपने घर की बाड़ी में ले गया।
परिचित की बाइक पर शव ले गया जलाने
देर रात शिव ने अपने परिचित कामता प्रसाद से उसकी बाइक मांगी। इसके बाद लड़की के शव को बाइक पर सामने रखकर गांव के ही बजरंग सिंह के खेत में ले गया। फिर वहां रखे पैरावट में नाबालिग का शव रखकर जला दिया। इसके बाद घर चला गया। देर रात गांव में पैरावट जलने की सूचना पर ग्रामीण और छात्रा के परिजन मौके पर पहुंच गए। लोगों ने किसी तरह से आग बुझाई तो अंदर छात्रा का अधजला शव पड़ा हुआ था। हाथ के कड़े, ताबीज और चप्पल से छात्रा की पहचान हो सकी।
बाइक के ही जरिए पुलिस दुष्कर्मी तक पहुंची
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो दुष्कर्म का पता चला। इसके बाद डॉक्टरों ने नाबालिग का स्लाइड प्रिजर्व किया और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इस दौरान जांच में पता कुछ ग्रामीणों ने कामता प्रसाद की बाइक पर लड़की के पैर लटकते देखे थे। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो पूछताछ में शिव भारती का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसके ब्लड सैंपल और घटना स्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कराई। इससे शिव भारती के नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हो गई।