भारतीय मजदूर संघ की उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एसईसीएल के इस रवैया से सभी परेशान है। लगातार कर्मचारियों को शोषण किया जा रहा है मनमाने तरीके से आदेश जारी किया जाता है। निश्चित ही इस बार इस आंदोलन से एसईसीएल को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर कोल परियोजना में कोल कर्मियों की संडे ड्युटी और ओवरटाईम बंद किए जाने को लेकर श्रमिक संगठन काफी आक्रोशित है। प्रबंधन के आदेश के खिलाफ सभी पांचो श्रमिक संगठन एकजुट हो गए हैं। रविवार की सुबह उन्होंने मानिकपुर जीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सुबह के पाली में कोई भी कर्मचारी ड्युटी नहीं गया। कोल कर्मियों के प्रदर्शन से प्रबंधन को बड़ा नुकसान हो सकता है।
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एसईसीएल की मानिकपुर कोल परियोजना में कार्यरत कोल कर्मियों की जब से संडे ड्युटी और ओवरटाईम को समाप्त किया गया है तब से श्रमिक संगठन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए पांच प्रमुख श्रमिक संगठन मानिकपुर जीएम कार्यालय के सामने एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। श्रमिक नेताओं का आरोप है कि मानिकपुर को छोड़कर कोरबा के किसी भी दूसरे खदान में संडे ड्युटी और ओवरटाईम को बंद नहीं किया गया है। कहीं न कहीं प्रबंधन मनमानी करते हुए मानिकपुर के कर्मचारियों के साथ भेदभाव कर रहा है।
प्रबंधन के तुगलकी फरमान के बाद कोल कर्मचारियों ने भी आंदोलन का रुख अपना लिया है। सुबह की पाली में कर्मचारी काम पर नहीं गए जिससे प्रबंधन को ठेका कंपनी के कर्मचारियों से काम लेना पड़ा। यह विवाद जल्द नहीं सुलझा तो प्रबंधन को बड़ा नुकसान हो सकता है। मोहन सिंह श्रमिक संगठन के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य ने बताया कि पहली बार पांचो श्रमिक संगठनों ने मोर्चा खोला है जिसके तहत आज सुबह पाली से ही एसईसीएल के कर्मचारियों ने संगठन को समर्थन दिया है और कोई भी कर्मचारी काम पर नहीं गए हैं।
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भारतीय मजदूर संघ की उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एसईसीएल के इस रवैया से सभी परेशान है। लगातार कर्मचारियों को शोषण किया जा रहा है मनमाने तरीके से आदेश जारी किया जाता है। निश्चित ही इस बार इस आंदोलन से एसईसीएल को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
एचएमएस के श्रमिक नेता एसके श्रीवास्तव ने बताया एसईसीएल के अधिकारियों के द्वारा मनमानी की जा रही है लगातार कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है कहीं ना कहीं संडे बंद और ओवर टाइम कटौती से कर्मचारियों को नुकसान होगा।